लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों ने अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 12.58 करोड़ मतदाताओं की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
2.03 करोड़ नाम काटे गए
आयोग के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान के बाद प्रदेश में 29.01 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। ड्राफ्ट सूची में 12.29 करोड़ मतदाता थे, जबकि अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 12.58 करोड़ पहुंच गई है। इस दौरान 2.32 करोड़ नए नाम जोड़े गए और 2.03 करोड़ नाम हटाए गए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने बताया कि, पहली बार सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (SVN) जारी किया गया है, जिससे मतदाता पहचान और रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगा।
बलिया में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता
मतदाता वृद्धि के मामले में बलिया प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां 1,60,376 नए मतदाता जुड़े। इसके बाद लखीमपुर खीरी (1,38,223), देवरिया (1,26,771), सिद्धार्थनगर (1,23,162) और कुशीनगर (1,20,011) का स्थान रहा। शाहजहांपुर, प्रयागराज, गोंडा और जौनपुर भी शीर्ष जिलों में शामिल हैं।
गाजीपुर में सबसे ज्यादा कमी
वहीं, मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक कमी गाजीपुर में दर्ज की गई, जहां 94,757 नाम कम हुए। इसके अलावा मैनपुरी (93,207) और आजमगढ़ (60,347) में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ीं उम्मीदें
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन ऐसे समय हुआ है जब पंचायत चुनाव में देरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की तारीख बताने को कहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि आयोग जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और प्रदेश में जल्द ही चुनावी माहौल देखने को मिल सकता है।
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