लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-D में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड के बाद 15 लोगों की मौत वाली इमारत को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने भवन को स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया माना है।

LDA के आदेश के मुताबिक, भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का मौका दिया गया है। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं की जाती है, तो LDA स्वयं भवन को ध्वस्त करेगा। ध्वस्तीकरण का पूरा खर्च भी भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।
SIT जांच में मिलीं गंभीर खामियां
विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में भवन निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि भवन में फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट का निर्माण किया गया था। इसके अलावा निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली लोड का उपयोग किया जा रहा था और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन कमियों के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।
22 जून को हुई थी 15 लोगों की मौत
22 जून 2026 को अलीगंज सेक्टर-D स्थित इस भवन में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी मानकों को लेकर कई सवाल उठे थे। इसके बाद LDA और अन्य एजेंसियों ने भवन की विस्तृत जांच कराई, जिसमें कई नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।
LDA की चेतावनी
एलडीए ने स्पष्ट किया है कि, यह कार्रवाई केवल इसी भवन तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में भी स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने और अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ में अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा भी शुरू कर दी गई है।
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