लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए फार्मर ID (Farmer ID) को अनिवार्य कर दिया है। अब प्रदेश के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) समेत विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए 12 अंकों की डिजिटल फार्मर आईडी बनवानी होगी। सरकार का उद्देश्य वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करना, योजनाओं में पारदर्शिता लाना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।
क्या है फार्मर ID?
फार्मर ID किसानों की एक 12 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान है। इसमें किसान का नाम, आधार से जुड़ी जानकारी, भूमि का रिकॉर्ड, खतौनी और खेती से संबंधित अन्य विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। यह आईडी कृषि योजनाओं का लाभ देने के लिए एकीकृत डेटाबेस के रूप में काम करेगी।
क्यों जरूरी है यह ID?
सरकार के अनुसार, फार्मर ID बनने के बाद किसानों को हर योजना के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। एक बार डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद सरकारी योजनाओं का सत्यापन और लाभ वितरण अधिक तेज और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
इन योजनाओं पर पड़ सकता है असर
यदि किसी किसान ने फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो उसे कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
कैसे बनवाएं फार्मर आईडी?
किसान स्वयं upagripardarshi.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी फार्मर आईडी बनवाई जा सकती है। वहां ई-केवाईसी और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगभग 20 से 50 रुपये तक का सेवा शुल्क लिया जा सकता है।
किसानों के लिए सलाह
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी कृषि योजना का लाभ लेने में कोई बाधा न आए।
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