भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई से बड़ी खबर है कि, निवेश पर हर माह 10 प्रतिशत मुनाफा देने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की कथित ठगी करने के आरोपी योगेश साहू को बुधवार को दुर्ग जिला न्यायालय परिसर से पकड़ लिया गया। आरोपी जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा था, जहां मौजूद पीड़ितों ने उसे पहचान लिया और सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहन रखी थी।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे योगेश साहू जमानत के लिए जिला न्यायालय पहुंचा था। कोर्ट परिसर में मौजूद एक व्यक्ति ने उसकी सूचना ठगी के शिकार लोगों को दी। इसके बाद बड़ी संख्या में पीड़ित मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल सुपेला पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
100 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपए जुटाने का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि, योगेश साहू ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बताकर शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग और गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपए जुटाए। शुरुआत में कुछ महीनों तक तय लाभांश देकर लोगों का विश्वास जीता, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया और निवेश की रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
थाने पहुंचे सैकड़ों पीड़ित
आरोपी के पकड़े जाने की खबर मिलते ही सुपेला थाना परिसर में सैकड़ों लोग पहुंच गए। इनमें करीब 30 नए पीड़ित भी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी ने अलग-अलग FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों के अनुसार, योगेश साहू भिलाई के स्मृति नगर स्थित अपने कार्यालय से 'ऐरिना कैपिटल', 'योगेश टैग अकाउंटिंग' और 'टैग अकाउंटिंग' के नाम पर कारोबार संचालित करता था। कंपनी में उसकी पत्नी मेघा साहू, मैनेजर गौरव सनान, शिखा सनान और अरुण सरकार के कार्यरत होने का भी आरोप लगाया गया है। गौरव और शिखा का एक कार्यालय दुर्ग के बोरसी क्षेत्र में भी संचालित होने की बात सामने आई है।
नवंबर में दर्ज हुई थी पहली FIR
योगेश साहू के खिलाफ पहली FIR 29 नवंबर 2025 को विवेक सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत के साथ करीब 40 अन्य पीड़ितों के आवेदन भी लगाए गए थे। बताया जा रहा है कि वह इसी मामले में जमानत के लिए कोर्ट पहुंचा था।
पीड़ितों का दावा है कि, आरोपी की पाटन, उतई, हथखोज पारा और दुर्ग के पामवुड विला समेत कई स्थानों पर जमीन और मकान हैं। उनका यह भी आरोप है कि आरोपी का भाई ज्ञान प्रकाश भी अन्य ठगी के मामलों में आरोपी है।
पीड़ितों का कहना है कि, इस कथित ठगी का शिकार शासकीय कर्मचारी, निजी कंपनियों के कर्मचारी, व्यापारी, किसान और युवा हुए हैं। कई लोगों ने खेत बेचकर, बैंक से कर्ज लेकर या संपत्ति गिरवी रखकर निवेश किया था।
पुलिस का बयान
CSP सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा, मामले में पहले से ही केस दर्ज है। बुधवार को कुछ लोग सुपेला थाना आए थे। पीड़ितों के आवेदन लिए गए हैं। उनकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नक्सलियों से बरामद 14.89 लाख रुपए पर पहली बार सार्वजनिक दावा-आपत्ति, आखिरी दिन आज
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft