बिलासपुर। जिले में गांजा तस्करी के चर्चित मामले से जुड़े बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाईन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ACB-EOW ने उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश, बिलासपुर की अदालत में चार्जशीट पेश कर दिया है। जांच में आरोपी की ज्ञात वैध आय और खर्च के बीच एक करोड़ रुपए से अधिक का अंतर सामने आया है।
86.76 लाख रुपए आय, खर्च 1.90 करोड़ से अधिक
ACB बिलासपुर ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के सिलसिले में 1 दिसंबर 2024 को आरोपी के बिलासपुर स्थित निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
जांच में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, लक्ष्मण गाईन की कुल ज्ञात वैध आय लगभग 86,76,270 रुपए आंकी गई, जबकि इस अवधि में उसका कुल व्यय 1,90,09,303.50 रुपए पाया गया। इस तरह आय और व्यय के बीच 1,03,33,033.50 रुपए का अंतर सामने आया। जांच एजेंसी के अनुसार, साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की गई है।
वर्दी की आड़ में गांजा तस्करी का खेल चलाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि GRP बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान लक्ष्मण गाईन कथित तौर पर अपने कुछ आरक्षक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों में गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ता था। आरोप है कि तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय जब्त गांजे को अपने पास रखकर उनसे पैसे वसूले जाते थे और उन्हें छोड़ दिया जाता था।
बताया जाता है कि कथित तौर पर छोटे स्तर से शुरू हुआ यह अवैध कारोबार धीरे-धीरे बड़े नेटवर्क में तब्दील हो गया। वर्ष 2018 में भी लक्ष्मण गाईन को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह करीब डेढ़ साल जेल में रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मौजूदा मामले में वह बिलासपुर जेल में बंद है।
40 हजार रुपए वेतन, लेकिन आलीशान मकान और महंगी गाड़ियां
मामले में सामने आई संपत्तियों और रहन-सहन को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। करीब 40 हजार रुपए मासिक वेतन पाने वाले आरोपी के पास बिलासपुर के कंचन विहार में आलीशान मकान होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल, हुंडई वरना, मारुति स्विफ्ट और टाटा हैरियर जैसी गाड़ियों तथा कई भूखंडों का भी उल्लेख जांच से जुड़ी जानकारी में किया गया है।
जांच में कथित तौर पर रिश्तेदारों के नाम पर संचालित 45 बैंक खातों का भी पता चला है। इन खातों के जरिए गांजा पैडलरों से जुड़े लगभग 15 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन लेन-देन की प्रकृति, प्रत्येक खाते से आरोपी का संबंध और पूरी रकम के स्रोत के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
चार्जशीट के बाद अब अदालत में आगे की कार्रवाई
आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार्जशीट पेश होने के बाद अब प्रकरण में आगे की कार्रवाई अदालत के समक्ष होगी। इस मामले ने पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही, मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच जैसे महत्वपूर्ण सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
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