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5 बैगा बच्चों की मौत से मचा हड़कंप! गांव पहुंची कांग्रेस की जांच टीम, राष्ट्रपति-राज्यपाल तक मामला ले जाने का ऐलान

 Newsbaji  |  Oct 24, 2026 10:15 AM  | 
Last Updated : Oct 24, 2026 10:15 AM
बैगा बच्चों की मौत, गांव पहुंची कांग्रेस की जांच टीम
बैगा बच्चों की मौत, गांव पहुंची कांग्रेस की जांच टीम

कबीरधाम। प्रदेश के कबीरधाम जिले से सामने आए बैगा समुदाय के पांच बच्चों की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान में बच्चों की मौत की खबर के बाद कांग्रेस का छह सदस्यीय जांच दल गांव पहुंचा और हालात का जायजा लिया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर बताते हुए शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मामले को राष्ट्रपति और राज्यपाल तक ले जाने का ऐलान किया है।

गांव पहुंची कांग्रेस की टीम, सरकारी व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस के जांच दल में मोहला-मानपुर विधायक इंदर साव मांडवी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मांडवी, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और पूर्व विधायक ममता चंद्राकर सहित छह सदस्य शामिल रहे। टीम ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली और बच्चों की मौत को लेकर चिंता जाहिर की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पांचों बच्चों की मौत गंभीर कुपोषण के कारण हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आदिवासी बैगा परिवारों तक सरकारी योजनाओं, पोषण सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा होता, तो हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?

हालांकि, बच्चों की मौत का कारण अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है। कुपोषण को लेकर किए गए दावों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।

5 बच्चों की मौत, 16 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी से बढ़ी चिंता
नंदनी कुमान गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, गांव के करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की बात भी सामने आई है। एक ही गांव में बच्चों की मौत और कई बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने बच्चों की मौत के पीछे किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या इसके पीछे कोई संक्रामक बीमारी है, कुपोषण है या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण? इन सवालों का जवाब जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।

राष्ट्रपति और राज्यपाल से शिकायत करेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि वे इस मामले को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। पार्टी ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रभावित बैगा परिवारों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की मांग उठाई है।

कांग्रेस के इस दौरे के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता पर टिकी हैं।

बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन?
बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल है। ऐसे समुदायों के बच्चों तक समय पर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। नंदनी कुमान की घटना ने इन सुविधाओं की जमीनी स्थिति की जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।

अब जरूरी है कि, प्रशासन बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाए, गांव के अन्य बच्चों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करे और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाए। साथ ही, यदि जांच में स्वास्थ्य सेवाओं या सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जाए।
 

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