रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग से छोड़ने के पत्र को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। प्रश्नकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, प्रश्न पंचायत विभाग से है और पंचायत मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। सदन में आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि, उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने अपने विभाग को छोड़ दिया है। मैं संशोधित कर रहा हूं। इस पर भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, आप मंत्री की ओर से स्पष्टीकरण दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री है यहां उन्हें बताना चाहिए।
पीएम आवास पर सदन में हंगामा
उधर, प्रश्नकाल में पूर्व सीएम रमन सिंह ने पीएम आवास योजना का मुद्दा उठाया। रमन सिंह ने कहा कि, आवास बन नहीं पाए है। आवास नहीं बनने से एक मंत्री इस्तीफा दे देते हैं। रमन सिंह ने कहा, प्रदेश में आवास योजना का हाल बहुत ही बुरा है। कई पत्र हैं, ऐसे मेरे पास जिसमें केंद्र की ओर से भी इस योजना को लेकर राज्य को लिखा गया है।
विपक्ष ने सदन से किया वाकआउट
मंत्री टीएस सिंहदेव की ग़ैर मौजूदगी में जवाब देते हुए मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि, साल 2019-20 के स्वीकृत आवास के लिए कैबिनेट ने राज्यांश के हिस्से के लिए 762 करोड़ रुपए लोन लेने की स्वीकृति दी गई थी। पंजाब नेशनल बैंक ने सेंशन भी कर दिया था। लेकिन आरबीआई ने अड़ंगा लगा दिया। मंत्री अकबर ने कहा कि भारत सरकार से राज्य को मिलने वाली राशि दिलाने में भाजपा विधायक पहल क्यों नहीं करते। केंद्र से मिलने वाली राशि दिलाने में पहल नहीं करेंगे और यहां घड़ियाली आंसू बहाएंगे। इस जवाब से असंतुष्ट भाजपा के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर विरोध जताया।
नकली शराब पर हंगामा
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने सरकारी दुकानों से नकली शराब बिकने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पियक्कड़ों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। उन लोगों ने कहा है कि शराब पिकअप नहीं पकड़ रही है। मंत्री कवासी लखमा ने जवाब देते हुए बताया कि, जांजगीर-चांपा जिले से एक शिकायत मिली थी वहां कार्यवाही हुई है। आबकारी विभाग के सब इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है। रायगढ़ में भी पांच शिकायतें थीं। वहां प्लेसमेंट एजेंसी को हटा दिया गया है। वहां भी इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को निलंबित किया गया है। वहां आबकारी अधिकारी को शो काज नोटिस दिया गया है। अगर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो उनपर भी कार्रवाई होगी।
विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा, शराब में मिलावट की शिकायत की जांच की क्या व्यवस्था है। किस स्तर का अधिकारी जांच करता है। आबकारी मंत्री की जगह मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि, विभाग के पास इसकी जांच के लिए एक प्रयोगशाला है। वहीं हाइड्रोमीटर की मदद से मौके पर भी जांच की जा सकती है।
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