जांजगीर. जिले के शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और एक प्राइवेट स्कूल की मिलीभगत से लाखों रुपये का वारा-न्यारा किया गया. मामला उजागर होने के बाद अब रिकवरी के लिए कहा गया है. साथ ही एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है तो दूसरे को सस्पेंड किया गया है. जबकि स्कूल संचालक को शेष राशि नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई है. आपको बता दें कि डीईओ ऑफिस के क्लर्क और कंप्यूटर ऑपरेटर ने आरटीई के तहत स्कूल को 36 की जगह 72 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था.
बता दें कि आरटीई के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के एवज में प्राइवेट स्कूलों को उनके द्वारा इन बच्चों पर किए खर्च की राशि शासन देता है. लेकिन, इसके एवज में जमकर भ्रष्टाचार को भी अंजाम दिया जा रहा है. जांजगीर-चांपा जिले में ऐसे ही मामले का भांडाफोड़ हुआ है. वहीं अब शिक्षा विभाग ने क्लर्क शिवानंद राठौर को निलंबित किया है तो वहीं कम्प्यूटर ऑपरेटर विकास साव को बर्खास्त कर दिया गया है. जबकि शेष बकाया राशि को जमा करने के लिए निजी स्कूल संचालक को कहा गया है. ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ अपराध दर्ज कराया जाएगा.
इस स्कूल का मामला, ये हुई कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम ने बताया कि कार्यालय द्वारा बलौदा क्षेत्र में संचालित मयूरा कान्वेंट निजी स्कूल को इस मामले में आरटीई पोर्टल से ब्लैक लिस्ट करने के लिए डीपीआई रायपुर को पत्र लिखा गया है. स्कूल की मान्यता समाप्त करने को लेकर भी अनुशंसा पत्र स्कूल शिक्षा विभाग को भेजेंगे. बता दें कि जिला शिक्षा कार्यालय जांजगीर ने मयूरा कान्वेंट निजी स्कूल को बकाया 35 लाख 3 हजार 328 रुपये जमा करने के लिए कहा है. ऐसा नहीं करने पर एफआईआर दर्ज कराना तय है.
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