कांकेर. जिले के घने जंगल के अंदर नक्सलियों ने करीब तीन माह पहले अर्धसैनिक बलों से मुठभेड़ में मारे गए अपने एक बड़े लीडर दर्शन पद्दा का स्मारक बना लिया था। पुलिस ने सर्चिंग के दौरान इसे ध्वस्त कर दिया है। माना जा रहा है कि नक्सलियों ने इसका निर्माण उनके शहीद सप्ताह के दौरान किया है। पुलिस ने बाकायदा इसका फोटो व वीडियो भी जारी किया है।
दरअसल, 31 अक्टूबर 2022 को अंतागढ़ के कडमे के जंगलों में डीआरजी व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमे डीवीसी नक्सल सदस्य दर्शन पद्दा के साथ ही जागेश सलाम को मार गिराया गया था। दर्शन पद्दा उत्तर बस्तर का बड़ा नक्सली लीडर था। उसकी मौत से नक्सलियों को गहरी क्षति हुई। डीवीसी सदस्य दर्शन पद्दा पहले परतापुर एरिया कमेटी का मेंबर व बड़गांव एलजीएस का कमांडर था। वह नारायपणुपर जिले के ओरछा ब्लाक के ग्राम आमाकाल का निवासी था। उसके मारे जाने के बाद नक्सलियों ने उसका स्मारक बनाया था। सर्चिंग पर निकले पुलिस के जवानों ने यहां घेराबंदी की और फिर इस स्मारक को ढहा दिया।
नक्सलियों का गिर रहा मनोबल
पुलिस व अर्धसैनिक बलों की ओर से बीते कुछ सालों में लगातार सफलताएं मिल रही हैं। बड़ी संख्या में नक्सली मारे जा रहे हैं और कई आत्मसमर्पण कर रहे हैं। ऐसे में उनका मनोबल भी गिर रहा है। अपनों के बीच हौसला बढ़ाने के लिए वे शहीदी सप्ताह मनाते हैं। तब ये मारे गए नक्सलियों का स्मारक भी बनाते हैं, जिससे वैचारिक रूप से लोगों को जोड़ा जा सके और हौसला बढ़ा सकें। इस मामले में भी वही हुआ है।
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