रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा फॉर्म शुल्क में की गई बढ़ोतरी को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI)ने इस फैसले के विरोध में रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने किया।
अलग अंदाज में जताया विरोध
प्रदर्शन को खास बनाने के लिए NSUI कार्यकर्ता गुल्लक, नकदी और प्रतीकात्मक रूप से गहने लेकर माशिमं कार्यालय पहुंचे। संगठन का कहना है कि, यह कदम इस बात का प्रतीक है कि परीक्षा शुल्क बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को अपनी छोटी-छोटी बचत तक तोड़नी पड़ रही है।
हेमंत पाल ने आरोप लगाया कि, प्रदेश की मौजूदा नीतियों के चलते शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के दौर में परीक्षा शुल्क में वृद्धि करना छात्रों के भविष्य पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। उन्होंने कहा, शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। यदि शुल्क इतना बढ़ा दिया जाए कि गरीब परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाए, तो यह सामाजिक असमानता को और बढ़ाएगा।
सरकार पर साधा निशाना
NSUI ने आरोप लगाया कि, शिक्षा के क्षेत्र में लिए जा रहे फैसले छात्रों के हित में नहीं हैं। संगठन का कहना है कि 10वीं और 12वीं जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाना हजारों परिवारों को प्रभावित करेगा।
NSUI की प्रमुख मांगें
10वीं एवं 12वीं परीक्षा फॉर्म की बढ़ी हुई फीस तत्काल प्रभाव से वापस ली जाए। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के ठोस कदम उठाए जाएं।

- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को राहत दी जाए।
- शिक्षा को लाभ का माध्यम बनाने की नीति पर पुनर्विचार किया जाए।
- NSUI ने स्पष्ट किया है कि यदि परीक्षा शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन में प्रदेश सचिव कुणाल दुबे, गावेश साहू, अंकित बंजारे, ओज पांडेय, शेख अर्सलान, तनिष्क मिश्रा, मनीष साहू, प्रियांशु मिंज और पुष्पेंद्र जायसवाल सहित अन्य छात्र नेता उपस्थित रहे।
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