रायपुर. राजधानी से बड़ी खबर है. बस्तर में पिछले दिनों एक के बाद एक नक्सलियों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की हत्या कर दी गई थी. इस मामले की जांच का अनुरोध एनआईए से किया गया है. छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने इस संबंध में एनआईए के महानिदेशक को पत्र लिखा है.
आपको बता दें कि बस्तर के धूर नक्सल प्रभावित इलाकों में जिन जनप्रतिनिधियों की हत्या हुई है वे वर्तमान में प्रदेश में विपक्ष में बैठ रही पार्टी बीजेपी के स्थानीय जनप्रतिनिधि व पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी रहे हैं. इनकी हत्या के बाद बीजेपी मुखर हो गई है और इसके दिग्गज पदाधिकारी सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. इससे कांग्रेस पशोपेश में है. इससे बाहर आने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं. दो दिन पहले जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीजीपी को निर्देश दिए थे कि वे बस्तर के सभी पुलिस अफसरों की बैठक लेकर सुरक्षा की समीक्षा करें, साथ ही पुलिस अफसर वहां के जनप्रतिनिधियों से सुरक्षा को लेकर चर्चा करें. इस पर काम भी हुआ.
वहीं अब जब डीजीपी ने एनआईए प्रमुख को पत्र लिखा है तो इसे भी राज्य सरकार का आरोप को सिरे से खारिज करने की ही कवायद मानी जा रही है. एनआईए केंद्रीय जांच एजेंसी है तो वह केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी सरकार के अधीन ही है. उन्हें जांच का अनुरोध करने का मतलब ही यही है कि राज्य सरकार का इन घटनाओं में न तो कोई हाथ है और न सुरक्षा में ही कोई कमी की गई है. चाहें तो केंद्रीय एजेंसी ही पूरे मामले की जांच कर ले.
बौखला उठे हैं नक्सली
बहरहाल इस पत्र के मायने चाहे जो निकाला जाए, लेकिन नक्सलियों ने जिस तरह से इन वारदात को अंजाम दिया है, उससे साफ है कि ये उनकी बौखलाहट है. पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा लगातार अंदर दाखिल होने से उनका दायरा सिमट रहा है. इससे निजात पाने के लिए वे इस तरह की हरकतें कर रहे हैं. उनके सॉफ्ट टारगेट में स्थानीय नेता हैं, जिनकी हत्या के माध्यम से वे अपना खौफ स्थानीय स्तर तक पहुंचाने के अलावा राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
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