रायपुर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 2 महीनों में प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 158 मरीजों की पहचान हो चुकी है। इनमें अकेले रायपुर जिले के 66 मरीज शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल अधिकांश मरीजों में संक्रमण के माइल्ड लक्षण ही सामने आ रहे हैं और गंभीर मरीजों की संख्या नहीं के बराबर है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 37 एक्टिव केस हैं। इनमें से 8 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इक्के-दुक्के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, लेकिन इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। अभी तक किसी मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है।
4 दिन में मिले 36 नए मरीज
29 अगस्त तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 122 थी। इसके बाद महज चार दिनों में 36 नए मरीजों की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग और जांच कर रहा है।
अंबेडकर अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 20 से 25 मरीज सीजनल फ्लू, गले में खराश, सर्दी-खांसी अथवा सांस लेने में हल्की परेशानी जैसी शिकायतों के साथ आ रहे हैं। लक्षण वाले मरीजों के स्वाब सैंपल जांच के लिए वायरोलॉजी लैब भेजे जा रहे हैं। अस्पताल में जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध होने के कारण रिपोर्ट सामान्यतः एक से दो दिन में मिल रही है।
वायरस में म्यूटेशन नहीं, इसलिए गंभीर मामले कम
चिकित्सकों के अनुसार, वर्तमान में स्वाइन फ्लू के मामलों में गंभीरता कम रहने का एक प्रमुख कारण यह है कि वायरस के स्वरूप में कोई महत्वपूर्ण म्यूटेशन सामने नहीं आया है। अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण हैं और उचित उपचार के बाद वे स्वस्थ हो रहे हैं।
गणेश चतुर्थी तक बढ़ सकते हैं मामले
डॉक्टरों का अनुमान है कि, गणेश चतुर्थी तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इस दौरान मौसम में नमी रहने की संभावना के चलते सर्दी, खांसी, बुखार और गले में संक्रमण जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे मरीजों में जांच के दौरान कुछ स्वाइन फ्लू पॉजिटिव भी पाए जा सकते हैं।
कैंसर, अस्थमा और डायबिटीज मरीजों को ज्यादा खतरा
सीनियर हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार कैंसर, अस्थमा और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को स्वाइन फ्लू का जोखिम अधिक हो सकता है। खासकर कैंसर मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, क्योंकि कैंसर या कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। विशेषज्ञों ने ऐसे मरीजों को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
जिलेवार स्वाइन फ्लू की स्थिति
| जिला | कुल मरीज | एक्टिव केस |
| रायपुर | 66 | 08 |
| बिलासपुर | 20 | 00 |
| दुर्ग | 17 | 00 |
| रायगढ़ | 10 | 03 |
| कोरबा | 09 | 04 |
| सरगुजा | 02 | 00 |
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