रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई कैदियों की मौतों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2021 से 25 जून 2026 तक जेल अभिरक्षा में कुल 375 कैदियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें 373 मामलों में दण्डाधिकारी/न्यायिक जांच के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक 311 मामलों की जांच रिपोर्ट ही प्राप्त हुई है। 62 मामलों की जांच रिपोर्ट अभी भी लंबित है।

यह जानकारी गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
सरकार की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत हुई। इसके बाद 2021 में 71, 2024 में 67, 2023 में 57 और 2025 में 55 मौतें दर्ज की गईं। वहीं, 1 जनवरी से 25 जून 2026 के बीच ही 35 कैदियों की मौत हो चुकी है।
जांच की स्थिति पर नजर डालें तो, वर्ष 2021, 2022 और 2023 के लगभग सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। हालांकि, 2024 के 67 मामलों में से 3 जांच प्रतिवेदन अभी भी लंबित हैं। वहीं 2025 के 55 मामलों में केवल 28 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं, जबकि 27 मामलों की जांच पूरी नहीं हुई है। वर्ष 2026 में अब तक दर्ज 35 मौतों में केवल 3 मामलों की जांच रिपोर्ट मिली है, जबकि 32 मामलों की रिपोर्ट का इंतजार है।
आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि, लंबित 62 जांच प्रतिवेदनों में से 59 मामले केवल वर्ष 2025 और 2026 के हैं। इससे हाल के मामलों में जांच प्रक्रिया की धीमी प्रगति सामने आती है।
KGMU के सभी छात्रावासों की मेस में मांसाहारी भोजन पर रोक, तत्काल प्रभाव से आदेश लागू
दो भीषण सड़क हादसे, नासिक में 4 और रत्नागिरी में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft