दुर्ग। विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) द्वारा दुर्ग में आयोजित ‘वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में हिन्दुत्व की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी में केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने धर्मांतरण के मुद्दे पर स्पष्ट रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण पर रोक लगनी चाहिए और इसके लिए किए जा रहे प्रयास अब प्रभावी साबित हो रहे हैं।
अपने संबोधन में आलोक कुमार ने कहा कि, वर्तमान समय में सामाजिक संतुलन और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 की सराहना करते हुए इसे इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम बताया।
इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक परिदृश्य पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत को आत्मनिर्भरता, स्वदेशी मॉडल और सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार हिन्दुत्व केवल धार्मिक विचार नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली है, जो समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को संतुलित दिशा प्रदान करता है।
संगोष्ठी में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और भारतीय परंपराओं व मूल्यों को वर्तमान आर्थिक चुनौतियों के समाधान के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मंच का संचालन डॉ. राहुल गुलाटी ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को प्रभावशाली ढंग से संचालित किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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