रायपुर। छत्तीसगढ़ से खाली हो रही राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अनुशंसा पर भाजपा हाईकमान ने उनके नाम को अंतिम स्वीकृति प्रदान की। पार्टी के इस फैसले को महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने और संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
लंबा और सक्रिय राजनीतिक सफर
बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मुड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य हैं। पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और समर्पण को देखते हुए वर्ष 2000 में उन्हें तत्कालीन रायपुर सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। इसके बाद 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा कार्यसमिति का सदस्य चुना गया, जहां उन्होंने 4 वर्षों तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
वर्ष 2010 में उन्हें भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति (2010–2014) का सदस्य बनाया गया। इसी अवधि में वे भाजपा महिला मोर्चा कार्यसमिति (2010–2022) की सदस्य भी रहीं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी दक्षता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2021 से 2025 तक प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा। साथ ही 2021 से 2024 तक वे गरियाबंद की संगठन प्रभारी और भाजपा की मीडिया प्रवक्ता भी रहीं।
वैधानिक पदों पर भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर केवल संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने निर्वाचित और संवैधानिक पदों पर भी कार्य किया है। वर्ष 1994 में वे रायपुर नगर पालिका निगम के वार्ड क्रमांक 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं। इसके बाद 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष चुनी गईं, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया।
वर्ष 2019 में उन्हें भारत सरकार के स्टील मंत्रालय के अधीन एफएसएनएल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। वर्तमान में वे 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में संवैधानिक दायित्व निभा रही हैं।
सामाजिक क्षेत्र में भी मजबूत पहचान
राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ लक्ष्मी वर्मा सामाजिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रही हैं। वर्ष 1998 में वे शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं। 1999 में उन्हें नेहरू युवा केन्द्र रायपुर द्वारा जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2004 में वे श्रम पुनर्वास समिति, जिला रायपुर की सदस्य मनोनीत की गईं।
वे 2009 से छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ की प्रधान संरक्षक हैं। 2011 से कुटुंब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य के रूप में सेवाएं दे रही हैं। 2014 से किसान संघर्ष समिति रायपुर की विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। वर्ष 2023 से वे अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं और छत्तीसगढ़ स्काउट-गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं।
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