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जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमला, A-10 और F-15 लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त; 30 से ज्यादा Patriot मिसाइलें दागीं

 Newsbaji  |  Sep 10, 2026 09:27 AM  | 
Last Updated : Sep 10, 2026 09:27 AM
जॉर्डन के अमेरिकी एयरबेस पर हमला, A-10 और F-15 विमान क्षतिग्रस्त
जॉर्डन के अमेरिकी एयरबेस पर हमला, A-10 और F-15 विमान क्षतिग्रस्त

अम्मान। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य एयरबेस पर हमले की खबर सामने आई है। अम्मान से जुड़े सैन्य क्षेत्र में स्थित Muwaffaq Salti Air Base को रात के समय निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट है। हमले में अमेरिकी वायुसेना के कई विमानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से Reuters ने बताया कि हमले में A-10 Thunderbolt II विमान को सबसे गंभीर नुकसान हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, एक A-10 का विंग यानी पंख टूट गया। अमेरिकी वायुसेना का यह विमान जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों और बख्तरबंद लक्ष्यों के खिलाफ करीबी हवाई सहायता के लिए जाना जाता है।

करीब आठ F-15 विमानों को भी नुकसान

रिपोर्ट के मुताबिक, हमले की चपेट में करीब आठ F-15 लड़ाकू विमान भी आए। हालांकि, इन विमानों को अपेक्षाकृत कम नुकसान होने की बात कही गई है। आवश्यक जांच और मरम्मत के बाद इन्हें दोबारा ऑपरेशन में शामिल किए जाने की जानकारी है।

F-15 अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल है। लंबी दूरी तक उड़ान भरने और भारी हथियार ले जाने की क्षमता के कारण यह अमेरिकी हवाई अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हमले को रोकने के लिए 30 से अधिक Patriot मिसाइलें

अमेरिकी सैन्य बलों ने हमले के दौरान आने वाले प्रोजेक्टाइल को रोकने के लिए कथित तौर पर 30 से अधिक Patriot मिसाइलें दागीं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि एयरबेस पर हुआ हमला काफी व्यापक था और अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली को बड़े स्तर पर सक्रिय करना पड़ा।

CBS की रिपोर्टर Jennifer Jacobs ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी साझा की है।

IRGC ने हमले की जिम्मेदारी का किया दावा

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका की ओर से ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया।

इसके बाद ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। IRGC के मुताबिक, उसके हमलों में आठ टैंकरों, दो युद्धपोतों और जॉर्डन स्थित एयरबेस को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों और एयरबेस पर हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मध्य पूर्व में बढ़ी अमेरिकी सैन्य चुनौती

जॉर्डन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में वहां स्थित अमेरिकी एयरबेस पर हमला क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौती को दर्शाता है।

यदि अमेरिकी विमानों को हुए नुकसान की रिपोर्टों की पुष्टि होती है, तो यह ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों पर हुए महत्वपूर्ण हमलों में शामिल हो सकता है। आने वाले समय में इस घटनाक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

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