नई दिल्ली। अलगाववादी नेता यासीन मलिक को पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद की सजा सुना दी है। यासीन को NIA कोर्ट पहले ही दोषी करार दे चुका था। यासीन पर पाकिस्तान के समर्थन से कश्मीर में आतंकी घटनाओं के लिए फंडिंग करने और आतंकियों को तबाही का सामान मुहैया कराने के कई केस दर्ज थे।
सजा से पहले पटियाला हाउस कोर्ट की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। वहीं, श्रीनगर के कई बाजार बंद हो गए हैं और भारी फोर्स तैनात है। सुरक्षा के लिहाज से श्रीनगर और आसपास के इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सर्विस बैन कर दी गई है।
यासीन मलिक को कोर्ट रूम में लाने के बाद चारों गेट को बंद करवा दिया गया था। कोर्ट कैम्पस छावनी में तब्दील हो गया है। फैसले से पहले श्रीनगर में यासीन के घर के बाहर तैनात उसके समर्थकों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की। वहीं सुरक्षाबलों ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। यासीन को कोर्ट रूम में लाने से पहले रूम की डॉग स्क्वॉड से तलाशी और थर्मल स्कैनिंग की गई।
वहीं, पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने यासीन मलिक को सजा दिए जाने का विरोध किया। इमरान ने लिखा- मैं कश्मीरी नेता यासीन मलिक के खिलाफ मोदी सरकार की उस फासीवादी रणनीति की कड़ी निंदा करता हूं, जिसके तहत उन्हें अवैध कारावास से लेकर फर्जी आरोपों में सजा दी जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को फासीवादी मोदी शासन के राजकीय आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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