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ग्रीन गैस अधिकारी बनकर 23.50 लाख की साइबर ठगी, मुंबई से महिला गिरफ्तार; APK फाइल के जरिए बैंक खाते में सेंध का आरोप

 Newsbaji  |  Oct 05, 2026 12:29 PM  | 
Last Updated : Oct 05, 2026 12:29 PM
ग्रीन गैस अफसर बनकर साइबर ठगी, मुंबई से महिला गिरफ्तार
ग्रीन गैस अफसर बनकर साइबर ठगी, मुंबई से महिला गिरफ्तार

लखनऊ। खुद को ग्रीन गैस लिमिटेड का अधिकारी बताकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का लखनऊ पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम पुलिस ने ऑपरेशन CYVAJRA के तहत मुंबई से 45 वर्षीय सलोनी कुमारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला पर लखनऊ के एक बुजुर्ग से 23.50 लाख रुपए की साइबर ठगी में शामिल होने का आरोप है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं।

WhatsApp पर बनते थे ग्रीन गैस के अफसर
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य WhatsApp मैसेज और फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। वे खुद को ग्रीन गैस लिमिटेड का प्रतिनिधि बताकर गैस कनेक्शन या बिल से जुड़ी जानकारी अपडेट कराने का झांसा देते थे।

इसके बाद ग्राहकों को एक APK फाइल डाउनलोड करने और करीब 10 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा जाता था। पुलिस को आशंका है कि इसी प्रक्रिया के जरिए मोबाइल में सेंध लगाकर बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल की जाती थी।

APK इंस्टॉल होते ही बैंकिंग जानकारी पर नजर
जांच में पुलिस को पता चला कि गिरोह द्वारा भेजी जाने वाली कथित APK फाइल बैंकिंग जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से तैयार की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसे मोबाइल में इंस्टॉल कराने के बाद आरोपियों को डेबिट कार्ड और अन्य बैंकिंग क्रेडेंशियल से संबंधित जानकारी हासिल हो जाती थी।

आरोप है कि इसी जानकारी और OTP का इस्तेमाल कर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर की जाती थी। हालांकि, इस पूरे तकनीकी तरीके की विस्तृत पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

23.50 लाख की ठगी के बाद शुरू हुई जांच
मामला तब सामने आया जब लखनऊ निवासी एक बुजुर्ग ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, उनके साथ 23.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। पुलिस ने टेलीकॉम कंपनियों और बैंकों से मिली तकनीकी जानकारी का भी विश्लेषण किया। इसी जांच के दौरान मुंबई में सलोनी कुमारी से जुड़े सुराग मिले।

क्रेडिट कार्ड के जरिए रकम आगे पहुंचाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, सलोनी कुमारी पिछले करीब पांच साल से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। जांच में उसकी कथित भूमिका ठगी की रकम को क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के जरिए आगे पहुंचाने की भी सामने आई है।
पुलिस का आरोप है कि महिला परिचितों को उनके क्रेडिट कार्ड से बिल का भुगतान कराने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देती थी। आरोप है कि कार्ड से संबंधित जानकारी बाद में गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।

CCTV फुटेज में भी दिखाई दी आरोपी महिला
जांच के दौरान पुलिस को एक CCTV फुटेज भी मिला है। इसमें आरोपी महिला एक दुकान पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान कराती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1.08 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद करने की जानकारी दी है।

फिलहाल पुलिस गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

APK फ्रॉड से कैसे बचें?

  • अनजान नंबर से WhatsApp या SMS पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
  • बैंक, गैस कंपनी या किसी अन्य सेवा प्रदाता के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • OTP, PIN, CVV, डेबिट कार्ड की जानकारी या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
  • बिल या गैस कनेक्शन अपडेट करने के लिए संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन का ही इस्तेमाल करें।
  • मोबाइल में किसी अनजान ऐप को अनावश्यक परमिशन न दें।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और संबंधित बैंक को भी सूचना दें।
     

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