लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर जारी खींचतान के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर बड़ा संदेश दिया है। अखिलेश यादव ने साफ कहा है कि गठबंधन में कितनी सीटें किस दल को मिलती हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की जीत है।
अखिलेश यादव ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बात सीट की नहीं, जीत की है।” उन्होंने कहा कि जब मकसद साफ होता है तो साथ मिलकर आगे बढ़ना आसान हो जाता है।
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में कहा कि बड़ा सवाल यह नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किस दल के पास जा रही है। महत्वपूर्ण यह है कि जीत गठबंधन की हो। उन्होंने गठबंधन की इस साझा जीत को संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण और सामाजिक सौहार्द से भी जोड़ा।
कांग्रेस के यूपी संगठन में बड़ा बदलाव
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वहीं सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। संगठन में बदलाव के बाद कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और सपा के साथ संभावित सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल बढ़ी है।
150 से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस की तैयारी
सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पिछले कुछ समय से नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने पार्टी के 150 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है।
ऐसे में अखिलेश यादव का ताजा बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके संदेश में सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार की जीत की क्षमता और गठबंधन की सामूहिक रणनीति पर जोर दिखाई देता है।
बीजेपी ने साधा निशाना
अखिलेश यादव के बयान पर बीजेपी ने भी हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को निशाने पर लेते हुए इसे ‘लठबंधन’ बताया। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं और नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
हालांकि, सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी अंतिम फार्मूला सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में अखिलेश यादव का बयान गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर चल रही चर्चा के बीच सपा की रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
सीटों से ज्यादा जीत पर फोकस का संदेश
यूपी की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज होने के साथ सपा-कांग्रेस के बीच तालमेल भी अहम मुद्दा बनता जा रहा है। अखिलेश यादव ने अपने ताजा संदेश के जरिए फिलहाल सीटों की संख्या की बहस से आगे बढ़कर गठबंधन की साझा चुनावी रणनीति पर जोर दिया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दल सीटों के बंटवारे को लेकर किस फार्मूले पर सहमत होते हैं और चुनावी मैदान में गठबंधन की रणनीति किस रूप में सामने आती है।
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