दुर्ग। थाना उतई क्षेत्र में पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत की जांच के बाद थाना उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों उमेश दास मानिकपुरी और राजेश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले से जुड़े बैंक खाते और एक मोबाइल फोन भी जप्त किया है।
बेटे को पुलिस आरक्षक बनाने का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार, ग्राम सेलूद निवासी गैंदलाल बंछोर ने थाना उतई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2023 में ग्राम अतरिया, जिला बेमेतरा निवासी उमेश दास मानिकपुरी ने उनके पुत्र विकास बंछोर को पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाया था। नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों द्वारा प्रार्थी से कुल 12 लाख रुपए लिए गए। इसके बाद न तो नौकरी लगाई गई और न ही रकम वापस की गई। काफी समय बीतने के बाद प्रार्थी ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद थाना उतई पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पतासाजी की गई और उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम ने लगातार दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान उमेश दास मानिकपुरी और राजेश वर्मा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस को प्रकरण से संबंधित जानकारी मिली। विवेचना के दौरान आरोपियों से संबंधित बैंक खाता और एक मोबाइल फोन जप्त किया गया है।
ऐसे दिया नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रार्थी के पुत्र को शासकीय पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर भर्ती कराने का विश्वास दिलाया। नौकरी लगने की उम्मीद में प्रार्थी ने आरोपियों को 12 लाख रुपए दिए। नौकरी नहीं लगने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो रकम वापस नहीं की गई।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में किया पेश
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले में रकम के लेन-देन सहित अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच जारी है।
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