गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के जंगलों में शिकार पर लगाम लगने का नाम नहीं ले रहा. ताजा मामला गरियाबंद स्थित उदंती सीतानदी अभयारण्य का है, जहां तेंदुआ, मोर, हिरण आदि का शिकार किया गया था. स्पेशल टीम ने 4 शिकारियों को ओडिशा से जाकर पकड़ा है. उनसे पूछताछ की जा रही है.
बता दें कि उदंती सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र शिकार को लेकर बेहद संवेदनशील वन क्षेत्र है. इसके पीछे कारण भौगोलिक परिस्थितियां हैं. दरअसल, इसकी सीमा ओडिशा से लगती है. नदी पार भी छिपने और भागने की जगह है. ऐसे में शिकारी यहां शिकार कर ओडिशा भाग जाते हैं. या फिर उधर से ही प्रवेश कर वापस चले जाते हैं. हालांकि यहां सुरक्षा को लेकर पूरा अमला तैयार किया गया है, साथ ही एंटी पोचिंग टीम भी तैयार की गई है. इसके चलते बीच-बीच में सफलता भी मिलती रहती है. इसी कड़ी में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है.
ओडिशा से आए थे शिकारी
बता दें कि टीम को सूचना मिली थी कि ओडिशा से कुछ शिकारी आए थे, जिन्होंने यहां वन्य जीवों का शिकार किया है. साथ ही ये आए दिन इस काम में लगे रहते हैं और स्मगलरों को वन्य जीवों से संबंधित प्रतिबंधित सामान की सप्लाई करते हैं. तब गुप्त सूचना के आधार पर 4 शिकारियेां को ओडिशा से जाकर पकड़ा गया है.
मिले ये सामान
गांजा भी हुआ बरामद
बता दें कि इन आरोपियों से गांजा भी बरामद किया गया है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये गैरकानूनी कामों को ही अंजाम देते रहे हैं. वैसे भी ओडिशा का कालाहांडी क्षेत्र गांजा के लिए पहले से ही पहचान रखता रहा है. अब इन शिकारियों से उनके लिंक के बारे में पता किया जा रहा है, जिनके माध्यम से ये शिकार को बेचते रहे होंगे.
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