जांजगीर-चांपा। जिले में साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कथित तौर पर नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य एडमिन समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट समेत कई डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने कही है।
साइबर जागृति कार्यक्रम के दौरान मिली नेटवर्क की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, साइबर जागृति कार्यक्रम के तहत जिले में ऑनलाइन सट्टा, जुआ और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी जा रही है।
इसी दौरान साइबर थाना जांजगीर को BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के संबंध में सूचना मिली। पुलिस को जानकारी मिली कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव उर्फ सोनू (47) मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए हेमलाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसके द्वारा BDG ऑनलाइन सट्टा गेम खेलने और उससे जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी दिए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पूछताछ में मुख्य एडमिन तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, हेमलाल ने बताया कि उसे सट्टे की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल के मेमोरेंडम के आधार पर शैलेंद्र को हिरासत में लिया। पुलिस ने शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू (45), निवासी शंकर विहार कॉलोनी, लिंक रोड, जांजगीर को नेटवर्क का मुख्य एडमिन बताया है।
जांच में सामने आया कि, शैलेंद्र कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक दूसरे लोगों तक पहुंचाता था। इसके बाद नए लोगों को नेटवर्क से जोड़कर ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था।
नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर कमीशन का खेल
पुलिस के मुताबिक, सट्टा नेटवर्क कथित तौर पर नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर काम कर रहा था। नीचे के एडमिन द्वारा नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने पर उसे कमीशन मिलता था। वहीं, नेटवर्क में शामिल व्यक्ति जितना अधिक सट्टा खेलता था, उसके आधार पर ऊपर के एडमिन को भी कमीशन मिलने की व्यवस्था थी।
मुख्य एडमिन से पूछताछ के बाद पुलिस ने महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया।
मोबाइल में मिले सट्टा ऐप के डिजिटल साक्ष्य
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य एडमिन शैलेंद्र अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेल चुका था और लिंक के माध्यम से कई अन्य लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ चुका था।
USDT के जरिए भी लेन-देन के साक्ष्य
मामले की जांच में ऑनलाइन सट्टे के पैसों के लेन-देन में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, व्हाट्सऐप चैट के अलावा USDT (क्रिप्टो डिजिटल करेंसी) के जरिए पैसों के आदान-प्रदान के साक्ष्य मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों में 30 लाख रुपए से अधिक के लेन-देन की जानकारी मिलने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस ने स्मार्टफोन, सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट और चैट सहित विभिन्न डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
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