भिलाई। शहर के सेक्टर-6 में स्थित एक निजी क्लिनिक के अंदर वहां काम करने वाली एक युवती ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। अभी तक इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है। कोई सुसाइड नोट भी पुलिस को नहीं मिला है। लिहाजा पुलिस इसकी जांच कर रही है।
आपको बता दें कि मृतका 20 वर्षीय शिल्पी ठाकुर और उसकी दीदी श्वेता इस वर्मा नेत्र चिकित्सालय एवं ऑप्टिकल में काम करती थी। शनिवार की रात क्लीनिक बंद करने के समय श्वेता ने शिल्पी के बारे में पूछा और फोन भी लगाया। जब शिल्पी ने फोन रिसीव नहीं किया तो उसने सोचा कि वह पहले से ही घर पहुंच गई होगी। ऐसे में श्वेता भी अपने घर चली गई। घर आने पर भी जब शिल्पी का पता नहीं चला तो श्वेता के साथ ही परिजनों की चिंता बढ़ गई।
उन्होंने फिर से शिल्पी को फोन लगाया लेकिन उधर से फोन रिसीव ही नहीं हो रहा था। इस बीच उन्होंने शिल्पी की सहेलियों और अन्य संभावित जगहों पर फोन किया जहां शिल्पी जा सकती थी। हर जगह से निराशा हाथ लगने के बाद क्लीनिक संचालक डॉ. वर्मा को भी फोन किया। बातचीत के दौरान ये बात सामने आई कि क्लीनिक की चाबी शिल्पी ही रखती है। ऐसे में एक बार क्लीनिक जाकर देखने का ही फैसला किया गया।
क्लीनिक संचालक डॉक्टर दंपती ने श्वेता से क्लीनिक खोलकर चेक करने का सुझाव दिया। इसके बाद सभी रात में दोबारा क्लीनिक पहुंचे। मौके पर उन्होंने शिल्पी को फोन लगाया तो क्लीनिक की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे से फोन का रिंगटोन सुनाई दिया। दौड़कर सभी पास पहुंचे तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। जाकर देखा तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गई। कमरे में लगे पंखे पर फंदा लगाकर शिल्पी ने फांसी लगा ली थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिल्पी के शव को नीचे उतारा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फिलहाल पुलिस को भी कारणों का पता नहीं चला है और इसकी जांच की जा रही है।
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