बेमेतरा। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए ठगने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय ठग को पुलिस ने धर दबोच लिया। खुद को ट्रेनिंग पर आया प्रोबेशनरी IAS अफसर बताकर वह फर्जी मेडल और अवार्ड के दम पर लोगों पर रौब जमाता था और नौकरी व नीलामी के नाम पर मोटी रकम ऐंठकर फरार हो जाता था। पुलिस कार्रवाई में उसके झूठ का पूरा जाल बेनकाब हो गया।

देवकर चौकी पुलिस ने ठगी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए रोहित कुमार (33 वर्ष), निवासी उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी देवकर क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर खुद को प्रोबेशनरी IAS अफसर बताता था।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी जयपाल राजपूत निवासी सिंघनपुरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, आरोपी ने पुलिस विभाग में वाहन चालक की नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे 1.65 लाख रुपए वसूल लिए। रकम लेने के बाद आरोपी फरार हो गया था।
इस तरह से की ठगी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि, रोहित कुमार ने भागचंद कुर्रे से 85,500 रुपए और सुनील यादव से बाइक नीलामी के नाम पर 12,000 रुपए की ठगी की। इस तरह आरोपी ने कुल मिलाकर दो लाख रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दिया। 23 फरवरी 2026 को जब जयपाल राजपूत ने आरोपी को देवकर में देखा और अपने पैसे वापस मांगे, तो वह फिर से बहाने बनाकर गुमराह करने लगा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद देवकर चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फर्जी अवार्ड शील्ड और मेडल बरामद
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से फर्जी अवार्ड शील्ड और मेडल बरामद किए गए, जिनका उपयोग वह लोगों का विश्वास जीतने के लिए करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आशंका है कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है।
चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत, शराब घोटाला मामले में जमानत बरकरार
BASLP Admission 2026: रायपुर के JNM मेडिकल कॉलेज में आवेदन शुरू, 10 अगस्त तक करें अप्लाई
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft