रायपुर। राजधानी रायपुर की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ 83 लाख रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रायपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, देवरिया और गोरखपुर जिलों से 5 ठगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने खुद को ED का अधिकारी बताकर बुजुर्ग महिला को मनी लांड्रिंग की जांच में फंसाने का डर दिखाया और तीन महीने तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखने का खुलासा पुलिस ने किया है।
रायपुर पुलिस के साइबर शील्ड ऑपरेशन के तहत कार्रवाई करते हुए, साइबर थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना विधानसभा की संयुक्त टीम ने इस गिरोह का खुलासा किया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को 40 से अधिक फर्जी कंपनियों के संचालन और फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम की हेराफेरी के सबूत मिले है। पीड़िता के खाते से ठगी की गई रकम में से 43 लाख रुपए की राशि को पुलिस ने विभिन्न खातों में होल्ड करा दिया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में बैंक खातों के डिटेल, चेक बुक, सिम और मोबाइल फोन जब्त हुए है।
यूपी से कंबोडिया तक का नेटवर्क
इस गिरोह में कई लोग शामिल हैं। इनका नेटवर्क यूपी से लेकर कंबोडिया तक फैला हुआ है। ठगी की बड़ी राशि वहां भेजते हैं। फिर किसी फर्म के खाते में ट्रांसफर कराकर वापस ले लेते हैं। इसमें कुछ फॉरेक्स कंपनियां भी शामिल हैं। दरअसल, राजधानी के विधानसभा इलाके की 63 वर्षीया महिला एक निजी कंपनी में AGM थीं। आरोपी आकाश साहू, शेर बहादुर, अनूप, नवीन, आनंद, प्रदीप ने दिल्ली पुलिस और साइबर विंग के नाम पर उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने का झांसा दिया और ऑनलाइन ठगी की। आरोपियों द्वारा अन्य राज्यों में भी ठगी करने की आशंका है। पुलिस इसका पता लगाने में जुट गई है।
रायपुर पुलिस की अपील
SSP लाल उमेन्द्र सिंह ने बताया कि, पुलिस, CBI, ED आदि जैसी किसी भी जांच एजेंसी में डिजिटल अरेस्ट का प्रावधान नहीं है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फोन करने वालों से डरें नहीं, बल्कि तत्काल अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें। उनसे डरकर किसी भी तरह से रुपए न देंवे।
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