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साइबर ठगी की रकम खपाने वाले म्यूल बैंक खातों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार 

 Newsbaji  |  Aug 20, 2026 05:44 PM  | 
Last Updated : Aug 20, 2026 05:44 PM
साइबर ठगी की रकम खपाने वाले म्यूल बैंक खातों पर दुर्ग पुलिस की कार्रवाई
साइबर ठगी की रकम खपाने वाले म्यूल बैंक खातों पर दुर्ग पुलिस की कार्रवाई

भिलाई। साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बैंक खातों के लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने थाना सुपेला में 2 और थाना भिलाई भट्ठी में 7 आरोपियों सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर कमीशन के लालच में अपने अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से संबंधित पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम कार्ड साइबर अपराधियों अथवा एजेंटों को उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा होने के बाद उसे अन्य खातों में स्थानांतरित किया जाता था।

5 लाख रुपए से अधिक की रकम का लेन-देन
जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण किया। इसमें ऐसे खातों में साइबर ठगी से जुड़ी 5 लाख रुपए से अधिक की राशि के लेन-देन की जानकारी सामने आई। खाताधारकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

2 हजार से 15 हजार रुपए तक मिलता था कमीशन
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा बैंक खाते और बैंकिंग साधन उपलब्ध कराने के बदले कथित तौर पर 2,000 रुपए से 15,000 रुपए तक कमीशन लिया जाता था। साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम इन खातों में प्राप्त करने के बाद रकम को कई अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इस प्रक्रिया से ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और लाभार्थियों तक पहुंचना मुश्किल बनाने का प्रयास किया जाता था।

ऐसे काम करता था म्यूल अकाउंट का नेटवर्क
साइबर ठगी से प्राप्त रकम को सीधे अपराधियों के खातों में रखने के बजाय अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में जमा कराया जाता था। इसके बाद रकम को कई खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया जाता था। बैंक खातों के इस इस्तेमाल से साइबर अपराधियों को ठगी की रकम को स्थानांतरित करने और उसकी पहचान छिपाने में मदद मिलती थी।

ये आरोपी कार्रवाई की जद में

  • अमन कुमार राय (25), निवासी चन्द्र नगर, उमरपोटी, थाना उतई, जिला दुर्ग
  • डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38), निवासी पांच रास्ता, चिंगरी पारा, सुपेला, जिला दुर्ग
  • दिनेश कुमार देशमुख (22), निवासी अग्रसेन कॉलेज, धनोरा, पदमनाभपुर, जिला दुर्ग
  • नितिश सिंह राजपूत (28), निवासी स्टाफ क्वार्टर एस-05, पदमनाभपुर, जिला दुर्ग
  • विक्रम देशलहरे (33), निवासी घुघसीडीह, उतई, जिला दुर्ग
  • भीष्म ध्रुव (24), निवासी सेक्टर-10, सड़क 33/ए, क्वार्टर नंबर 1-डी, भिलाई नगर, जिला दुर्ग
  • के. सुनीता राव, निवासी श्रीराम चौक, खुर्सीपार, जिला दुर्ग
  • स्मीता मसीह, निवासी प्रगति नगर, रिसाली, जिला दुर्ग
  • गुनगुन देवांगन, निवासी वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग

पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सामग्रियों के आधार पर पुलिस साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और उससे जुड़े नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है। पुलिस की जांच का फोकस अब इन बैंक खातों से जुड़े अन्य खाताधारकों, रकम के अंतिम लाभार्थियों और साइबर अपराधियों तक पहुंचने पर है।

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