रायपुर। छत्तीसगढ़ व समेत देश में बहुचर्चित बाइक बोट टैक्सी स्कैम करोड़ों रुपयों की ठगी हुई। इसमें बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के वरिष्ठ नेता संजय भाटी ने राजनीति रसूक दिखाकर देशभर के लगभग दो लाख लोगों से 4000 करोड़ रुपए गबन कर लिए। साथ ही राजधानी में भी 32 से ज्यादा लोगों से 76 लाख रुपए की ठगी कर ली। सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि, रायपुर के अन्य 20 से ज्यादा लोगों से भी कंपनी ने 73 लाख रुपए लिए, लेकिन किसी को वापस नहीं मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो दिन पहले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं, मंगलवार को रायपुर पुलिस राजस्थान जेल में बंद तीन आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लेकर पहुंची है, अब सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
जालसाजी का षडयंत्र
आरोपियों ने लोगों को ओला और उबर की तर्ज पर सिर्फ बाइक खरीदने, उसे किराए पर चलाने और हर महीने लाखों रुपए के मुनाफे का लालच दिया था। स्कीम को इतनी चालाकी से बनाया गया था कि लोग आसानी से झांसे में आ गए। संजय भाटी ने अपने साथी कर्णपाल सिंह और राजेश भारद्वाज के साथ मिलकर 2017 में ‘बाइक बोट स्कीम’ की शुरुआत की थी।
BSP नेता के ठग बनने की कहानी
आरोपी संजय भाटी ठगी करने से पहले इंजीनियर व मोटिवेशनल स्पीकर था। वर्ष 2018 में उसने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा देकर बहुजन समाजवादी पार्टी को ज्वॉइन किया था। इसके साथ ही पार्टी ने उसे वर्ष 2019 में गौतम बुद्धनगर से लोकसभा प्रभारी भी बनाया था। जब इस घोटाले की CBI और ED ने जांच शुरू की तो, 7 जून 2019 को संजय भाटी और उसके साथियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। दरअसल, अक्टूबर 2018 में बीरगांव निवासी अखिल कुमार बिसोई ने सिविल लाइन थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी।
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