रायपुर। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के आरक्षण का मामला गरमाना शुरु हो गया है। भाजपा इस मसले को लेकर अलग-अलग इलाकों में चक्काजाम करने की तैयारी में है और शनिवार दोपहर करीब 12 बजे विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उनके कार्यकर्ता और नेता उतरेंगे।
जानकारी के अनुसार, भाजपा के तय कार्यक्रम के मुताबिक अंबिकापुर, कोंडागांव, राजनांदगांव में यह विरोध प्रदर्शन होना है। दोपहर करीब 12:00 बजे से सभी स्थानीय नेताओं की अगुवाई में एक साथ विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी में है।
जानिए क्या है मामला?
इस आंदोलन की अगुवाई भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की तरफ से की गई है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम का कहना है कि आदिवासियों के 32 प्रतिशत आरक्षण को 20 प्रतिशत कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य बना है, जहां किसी समुदाय के आरक्षण को छीना गया है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर में तीसरी और चौथी श्रेणी के नौकरियों में स्थानीय आरक्षण पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार में मिलता था । उस पर भी रोक लगाने का आदेश जारी हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक के बाद एक आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का काम वर्तमान सरकार कर रही है।
यहां हो रहा चक्काजाम
प्रदेश के कोंडागांव जिले में नारायणपुर चौक पर भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री लता उसेंडी, महेश गागड़ा, विक्रम उसेंडी चक्काजाम करेंगे। अंबिकापुर में बिलासपुर चौक पर नंद कुमार साय, पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, कमलभान सिंह जैसे सरगुजा के स्थानीय नेता चक्काजाम में शामिल होंगे। दुर्ग संभाग के राजनांदगांव के छुरिया मोड़ पर सांसद मोहन मंडावी, किसान मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री पिंकी शिवराज, एम.डी ठाकुर संजीव, आर.के.राय और देव लाल ठाकुर वहां मोर्चा संभालेंगे।
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