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E20 पेट्रोल विवाद पर देश का पहला बड़ा फैसला! रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को नई कार देने का दिया आदेश

 Newsbaji  |  Jul 16, 2026 09:29 AM  | 
Last Updated : Jul 16, 2026 09:29 AM
रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को नई कार देने का दिया आदेश
रायपुर कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को नई कार देने का दिया आदेश

रायपुर। भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक अहम फैसला सामने आया है। रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) ने एक कार मालिक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई E20-अनुकूल कार उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसे वाहन की पूरी कीमत 20.50 लाख रुपए लौटानी होगी।

इसके अलावा आयोग ने शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपए देने का भी निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता का कहना था कि, वर्ष 2024 में खरीदी गई उसकी कार पूरी तरह सामान्य चल रही थी। लेकिन E20 पेट्रोल भरवाने के बाद वाहन के इंजन में लगातार खराबी आने लगी। इंजन की परफॉर्मेंस गिर गई, मिसफायरिंग की समस्या शुरू हो गई और माइलेज भी कम हो गया। कई बार अधिकृत सर्विस सेंटर पर मरम्मत कराने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई, जिससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

कंपनी का क्या था पक्ष?
मारुति सुज़ुकी और डीलर ने आयोग के समक्ष दावा किया कि संबंधित वाहन E20 पेट्रोल के अनुरूप है और उसमें आई खराबी ईंधन की वजह से नहीं, बल्कि रखरखाव में कमी तथा सामान्य टूट-फूट के कारण हुई है। हालांकि आयोग शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से संतुष्ट हुआ।

इंजन में मिला E20 ईंधन का अवशेष
शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष दावा किया कि, जांच के दौरान इंजन में E20 फ्यूल का जमाव पाया गया। मरम्मत के बाद भी कुछ समय पश्चात पेट्रोल टैंक में सफेद एवं चिपचिपा पदार्थ मिला और इंजन की खराबी बढ़ती गई। आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वाहन निर्माता कंपनी को जिम्मेदार माना।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में तकनीकी और उपभोक्ता स्तर पर बहस जारी है। ऐसे समय में रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि यह निर्णय एक विशेष मामले के तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित है तथा इसका प्रभाव फिलहाल इसी प्रकरण तक सीमित है। यदि कंपनी चाहे तो इस आदेश के खिलाफ उच्च उपभोक्ता आयोग में अपील कर सकती है।

E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार इसे स्वच्छ ईंधन और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानती है। वहीं वाहन निर्माता कंपनियां भी धीरे-धीरे E20-अनुकूल मॉडल बाजार में उतार रही हैं।

फिलहाल रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का यह फैसला E20 पेट्रोल से जुड़े मामलों में देश के सबसे चर्चित उपभोक्ता निर्णयों में से एक माना जा रहा है और इस पर ऑटोमोबाइल उद्योग तथा उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है।

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