रायपुर. कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री कवासी लखमा के नेतृत्व में एक बार फिर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात करने राजभवन पहुंचा. वहां से निकलने के बाद बातचीत में मंत्री लखमा ने कहा कि ये राज्यपाल भी राजनीतिक दबाव में लगते हैं. आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा तो हुई, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला. जबकि इसके चलते भर्तियां रुकी हुई हैं और हजारों युवाओं का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है.
बता दें कि आरक्षण संशोधन विधेयक विधानसभा से पास होने के बाद इसे कानून का रूप देने हस्ताक्षर के लिए इसे तत्कालीन राज्यपाल अनुसुईया उईके के पास भेजा गया था. लेकिन, उन्होंने हस्ताक्षर करने के बजाय इसे रोककर रख लिया. अब नए राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को इस पर निर्णय लेना है. लेकिन, अब तक उन्होंने भी हस्ताक्षर नहीं किया है. इसके चलते राज्य सरकार और राजभवन के बीच तकरार की स्थिति बनी हुई है. इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में भी प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल से मुलाकात की गई थी. इसी कड़ी में अब लखमा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था.
मुलाकात से पहले ये कहा
मंत्री कवासी लखमा के साथ ही शिशुपाल सोरी, कांकेर विधायक सावित्री मंडावी, विनय जायसवाल, चंद्रदेवराय, लक्ष्मी ध्रुव और रामकुमार यादव भी पहुंचे थे. राज्यपाल से मुलाकात से पहले भी लखमा ने बातचीत की. कहा कि नए राज्यपाल भी राजनीतिक दबाव में हैं और इधर-उधर की बात कर रहे हैं. ज्यादा इंग्लिश में बात करते हैं.
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