रायपुर. छत्तीसगढ़ की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पिछले 4 सालों की अवधि में मिनी स्काई लिफ्ट की खरीदी की गई थी. आरटीआई से मिले दस्तावेजों से इन्हें दोगुने दाम पर और जरूरत से ज्यादा मात्रा में खरीदने की बात सामने आई है. वहीं राज्यपाल से शिकायत व उनकी ओर से नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव से रिपोर्ट मांगी है. ऐसे में बड़े घोटाले का भांडाफोड़ होने की बात कही जा रही है.
बता दें कि विद्युत व्यवस्था बहाल करने और आपात स्थितियों में मदद के लिए स्काई लिफ्ट नगरीय निकायों के लिए एक जरूरी उपकरण है. छोटे आकार के मिनी स्काई लिफ्ट को इसमें तरजीह दी जाती है, ताकि संकरे रास्तों पर भी उसे ले जाया जा सके. इसी के तहत साल 2018 से 2022 के बीच इनकी खरीदी प्रदेश की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में की गई थी.
लेकिन, बाद में ये बात सामने आई कि सिर्फ एक ही संस्था से इनकी खरीदी की गई है. वहीं तय कीमत से ज्यादा दर पर खरीदी की गई है. जरूरत से ज्यादा का भी पता चला तो अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दिया था. नगरीय प्रशासन विभाग से मिले दस्तावेजों से भी इसका पता चला.
राज्यपाल से शिकायत
इसके बाद पूरे मामले की शिकायत दस्तावेजों के साथ राज्यपाल से की गई. राज्यपाल ने भी इसे गंभीरता से लिया है. उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. यदि इसमें पुष्टि होती है तो घोटाले का खुलासा होने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई तय माना जा रहा है.
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