हैदराबाद/दिल्ली। अमेरिका की प्रमुख फूड डिलीवरी और लोकल कॉमर्स कंपनी DoorDash ने आधिकारिक तौर पर भारत में कदम रख दिया है। कंपनी ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अपने पहले भारतीय ऑफिस का उद्घाटन किया है। इस नए सेंटर के जरिए कंपनी भारत के टेक और टैलेंट पूल का इस्तेमाल अपने वैश्विक कारोबार को संभालने के लिए करेगी।
तेलंगाना के आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने डोरडैश के अफसरों, रवि इनुकोन्डा और जेना कोनके तथा आईटी सलाहकार साई कृष्णा की उपस्थिति में इस अत्याधुनिक हब का उद्घाटन किया।
3,000 से ज्यादा कर्मचारियों की होगी भर्ती
डोरडैश ने हैदराबाद हब में शुरुआती चरण में करीब 500 प्रोफेशनल्स के साथ काम शुरू किया है। कंपनी की योजना आने वाले कुछ वर्षों में इस संख्या को तेजी से बढ़ाकर 3,000 से अधिक करने की है। डोरडैश की सीनियर एग्जीक्यूटिव जेना कोनके ने इस विस्तार को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि भारत का यह नया हब डोरडैश के ग्लोबल ऑपरेशंस नेटवर्क को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
क्या काम करेगी हैदराबाद की टीम?
Zomato और Swiggy से मुकाबला नहीं
भारत में डोरडैश की एंट्री को लेकर अक्सर यह सवाल उठ रहा है कि क्या कंपनी सीधे जोमैटो और स्विगी को टक्कर देने आई है? कंपनी ने स्पष्ट किया है कि हैदराबाद ऑफिस से भारत में सीधे ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं शुरू करने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। डोरडैश का मुख्य फोकस भारतीय प्रतिभाओं की बदौलत अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सेवा को और बेहतर बनाना है।
स्टैनफोर्ड के छात्रों का 2013 का स्टार्ट-अप अब ग्लोबल ब्रांड
डोरडैश की शुरुआत वर्ष 2013 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के चार छात्रों ने की थी। शुरुआती दौर में महज 24 लाख डॉलर की फंडिंग और 70 रेस्टोरेंट्स से शुरू हुई यह कंपनी आज उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ओशिनिया के प्रमुख बाजारों में राज कर रही है। यूरोप में यह कंपनी Wolt और Deliveroo जैसे मशहूर ब्रांड्स के माध्यम से भी अपना कारोबार संचालित करती है।
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