रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक सरकार स्कूल में पदस्थ महिला हेडमास्टर ने एक मासूम के साथ ऐसी क्रूरता की है कि सुनकर आपकी रूह भी कांप जाएगी. महज 4 साल की बच्ची, जिसे उसने 4 दिनों तक बाथरूम में बंद कर रखा था. न खाना दिया और न पानी. जब बच्ची को रेस्क्यू किया गया तो कई दिनों तक तो बात भी नहीं कर पा रही थी. लेकिन, अब पुलिस ने आरोपी एचएम को गिरफ्तार कर लिया है.
मामला रायगढ़ जिले के खरसिया का है. यहां रहने वाली आशा अग्रवाल शासकीय विद्यालय ग्राम बासमुडा में हेडमास्टर है. वहीं बिश्रामपुर क्षेत्र में ड्राइवरी करने वाले पिता और रोजी-मजदूरी करने वाली मां अपनी 4 साल की बच्ची को पालने में असमर्थ थे. एचएम आशा ने उनसे कहा कि वह उनकी बच्ची को अपने साथ अच्छे से रखेगी और पढ़ाएगी-लिखाएगी. भरोसे में आकर उन्होंने बच्ची को उसे सौंप दिया. लेकिन, इसके बाद वह बच्ची के साथ क्रूरता करने लगी. पिटाई करने के साथ ही खाना तक नहीं देती थी.
इस बार हदें कर दी पार
इस बार हेडमास्टर आशा ने हदें पार कर दी. उसने बच्ची को 4 दिनों तक बाथरूम में बंद कर दिया था. उसे खाना दिया न पानी. बच्ची रोती-चिल्लाती रही. आसपास के लोगों ने ये आवाज सुनी तो उनके भी होश उड़ गए. जब क्रूरता की हदें पार हो गई तो उन्होंने बाल संरक्षण विभाग के अफसरों को सूचना दी. इसके बाद बीते 20 अप्रैल को बच्ची का रेस्क्यू किया गया. लेकिन, बच्ची इतनी डरी-सहमी हुई थी कि कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
बता दें कि बच्ची की अब तक काउंसलिंग तक नहीं हो पाई है, क्योंकि बच्ची कुछ बता भी नहीं पा रही है. लेकिन, अफसरों ने पुलिस को मामले की जानकारी दे दी. इसके बाद पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ धारा 342 के तहत अपराध दर्ज किया. फिर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है. अब उससे भी पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि बाल संरक्षण विभाग के अफसरों शिक्षा विभाग को भी इसकी जानकारी दी है. ऐसे में शिक्षा विभाग से भी उसके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है.
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