जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर इलाके के अंदरूनी गांवों में शिक्षादूत नक्सलियों के निशाने पर हैं। तीन दिन में नक्सलियों ने 2 शिक्षादूतों की हत्या कर दी है। कई नक्सलियों को धमकियां दी गई हैं। इन सबके बीच बस्तर पुलिस ने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए घटना को कायराना बताया है और कड़े शब्दों में निंदा की है।
बस्तर पुलिस ने कहा कि, समाज के उत्थान और भविष्य के लिए कार्य कर रहे लोगों को जानबूझकर निशाना बनाने वाले ऐसे अमानवीय कृत्य किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य हैं और बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। निर्दोष नागरिकों और युवा शिक्षादूतों को पुलिस मुखबिर बताना महज़ नक्सलियों का एक कायराना प्रयास है, जिसका उद्देश्य केवल स्थानीय जनता को डराना और अपने कैडरों का मनोबल बढ़ाना है, जो हाल के समय में लगातार झटकों के कारण पहले ही पूरी तरह गिर चुका है। इस तरह की कायराना हरकतें नक्सली ताकत का संकेत नहीं, बल्कि उनकी कमजोरी और हताशा का स्पष्ट प्रमाण हैं।
नक्सलियों के ताबूत में अंतिम कील
यदि किसी भी स्थिति में ऐसे बेमतलब और हिंसक कृत्यों को नक्सली शीर्ष नेतृत्व, केंद्रीय समिति/पॉलिट ब्यूरो की मंजूरी प्राप्त है, तो यह निश्चित रूप से उनके ताबूत में अंतिम कील साबित होगा। वहीं यदि ये हत्याएं स्थानीय स्तर के कैडरों द्वारा की जा रही हैं, तो यह केवल इस सच्चाई की पुष्टि है कि नक्सली संगठन पूरी तरह से दिशाहीन और नेता विहीन हो चुका है।
प्रतिबंधित और अवैध नक्सल संगठन के कैडरों और उनके नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि, नक्सलियों ने शिक्षादूतों की हत्या की इन हमलों का उद्देश्य स्पष्ट है। नक्सली स्थानीय जनता, विशेषकर बच्चों, को शिक्षा से वंचित करना चाहते हैं। उन्हें डर है कि एक शिक्षित और जागरूक समाज उनकी पुरानी, अमानवीय, विकास विरोधी और क्रूर विचारधारा को अस्वीकार कर देगा।
“निर्दोष नागरिकों और शिक्षा के लिए समर्पित शिक्षादूतों की हत्या एक अक्षम्य अपराध है। बस्तर पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि इन जघन्य कृत्यों के दोषियों की पहचान की जाए, उनका पीछा किया जाए और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए जो भी लोग इस प्रकार की हिंसा में शामिल रहेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की निर्णायक और लगातार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
राज्य सरकार के निर्देशों तथा बस्तर की स्थानीय जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप प्रतिबंधित और अवैध नक्सली संगठनों के विरुद्ध निर्णायक और सर्वांगीण कार्रवाई की जाएगी। बस्तर पुलिस प्रत्येक नागरिक, विशेषकर शिक्षा और विकास में योगदान देने वालों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम नक्सली हिंसा को समाप्त करने और बस्तर की जनता की वैध आकांक्षाओं की रक्षा करने के अपने संकल्प पर अटल हैं।
हलिया घटनाएं, 3 दिन में दो की मौत
29 अगस्त 2025 की देर शाम को बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा में पदस्थ शिक्षादूत कल्लू ताती की नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इससे 2 दिन पहले ही 27 अगस्त को सुकमा के मंडीमरका में शिक्षादूत बारसे लक्ष्मण को भी मार दिया था।
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