रायपुर. सुप्रीम कोर्ट से आरक्षण पर अंतरिम आदेश जारी होने के साथ छत्तीसगढ़ में भर्तियों का मौसम चल रहा है, जिसके साथ विवादों के ओले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला शिक्षक भर्ती से जुड़ा है. मजेदार बात ये कि इंटरव्यू में बुलाने के लिए जिन अभ्यर्थियों का लिस्ट जारी हुआ था, उसमें बाद में टॉपर आए और तीसरा स्थान हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का नाम ही नहीं था. यानी बिना इंटरव्यू दिए ही वे टॉप कर गए.
दरअसल, ये खुलासा प्रदेश में भर्तियों के मामले में नजर रखने वाले युवा उज्जवल दीपक ने किया है. ट्वीट के जरिए उन्होंने जानकारी साझा की है. बता दें कि प्रदेश में 13 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों का लिस्ट जारी किया गया. वहीं बाद में जारी टॉप सूची में मिलान के बाद दीपक ने इस पर सवाल खड़े किए हैं.
ट्वीट में ये दी जानकारी
उज्जवल दीपक ने लिखा है कि सहायक शिक्षक भर्ती के लिए इंटरव्यू में बुलाए गए 35 अभ्यर्थियों की लिस्ट को ध्यान से पढ़िए, अब इसी इंटरव्यू के बाद हुए चयन में प्रथम स्थान पर निर्भय कुजूर और तीसरे स्थान पर पूर्णिमा सिंह हैं. क्या ऐसा संभव है कि आप इंटरव्यू लिस्ट में ही नहीं हैं और आप परीक्षा में टॉप कर दें.
कसा तंज
दीपक ने आगे सीएम भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए लिखा है कि जरूर कोई टंकण त्रुटि होगी या फिर दूरभाष पर चर्चा कर लिस्ट बनाई गई होगी. इसके बाद सीएम को टैग करते हुए लिखा है कि मुझे @भूपेश बघेल पर पूरा भरोसा है कि उनकी सरकार एकदम ईमानदारी से भ्रष्टाचार कर रही है. बता दें ट्वीट में ही उन्होंने वह लिस्ट भी पोस्ट किया है, जिसमें उक्त दोनों का नाम नहीं है.
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