रायपुर। छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश सरकार एक बार फिर घोटाले की गिरफ्त में है। मामला बोरे-बासी उत्सव का है। जिसे श्रमिक दिवस पर राजधानी रायपुर में भव्य तरीके से आयोजित किया गया था। आरोप है कि इस आयोजन में 8 करोड़ 50 लाख रुपए की हेराफेरी की गई। इस बात का खुलासा RTI के जरिए हुआ, उसके बाद विधानसभा में इस मुद्दे को भाजपा विधायक राजेश मूणत, अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने जोर-शोर से उठाया। विधायकों की मांग पर श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में विधायकों की एक टीम बनाकर जांच कराने की घोषणा कर दी है।
ध्यानाकर्षण में गूंजा मुद्दा
विधानभा के मानसून सत्र में भाजपा विधायक राजेश मूणत ने ध्यानाकर्षण के दौरान सदन में भूपेश सरकार के दौरान साइंस कॉलेज मैदान पर बोरे बासी आयोजन की जांच की मांग की। विधायक मूणत ने ध्यानाकर्षण में गड़बड़ी करने वाले पर कार्यवाही की मांग की। वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने भी सदन की समिति से जांच कराने की मांग की।
RTI के जरिए हुआ था खुलासा
इस पूरे घोटाले का खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत हुआ था। दस्तावेजों के मुताबिक, सिर्फ रायपुर में ही बोरे-बासी कार्यक्रम पर 8 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए और वह भी बिना किसी सरकारी निविदा या टेंडर प्रक्रिया के किया गया। ऐसे में अब देखना होगा कि जांच समिति की रिपोर्ट में क्या सामने आता है। क्या वाकई दोषियों पर कोई कार्रवाई हो पाएगी या फिर यह मामला सरकारी फाइलों में ही दब कर खत्म हो जाएगा।
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