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पार्थिव शिवलिंग एवं महारुद्राभिषेक व भस्म आरती का आयोजन, हर-हर शंभू के भजन पर झूमे श्रद्धालु

 Newsbaji  |  Jul 28, 2025 11:22 AM  | 
Last Updated : Jul 28, 2025 11:22 AM
काली बाड़ी नेहरु नगर भिलाई में श्रावण माह के दिन पूजा-अर्चना हुई।
काली बाड़ी नेहरु नगर भिलाई में श्रावण माह के दिन पूजा-अर्चना हुई।

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेहरु नगर स्थित काली बाड़ी मंदिर परिसर में श्रावण मास के अवसर पर पार्थिव शिवलिंग का सामूहिक महारुद्राभिषेक एवं भस्म आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। इसके अलावा आचार्य पंडित अभिषेक कृष्ण आनंद जी महाराज के द्वारा शिव महिमा की कथा का आयोजन भी किया गया। 

यह कार्यक्रम मानव मंडल सेवा समिति एवं वरिष्ठ पत्रकार मनीष सोनी व अन्य लोगों के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दुग्धाभिषेक, रुद्राष्टकम, भस्म आरती और शिव आरती की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सभी वालंटियर्स ने सहयोग किया। इसी तरह 04 अगस्त 2025 को अंतिम श्रावण मास के सोमवार को शाम 5 बजे महाशिव महिमा की कथा और महारुद्राभिषेक एव भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा।

शिव करते है मनोकामना पूरी- अभिषेक कृष्ण आनंद जी
शिव महिमा की कथा आचार्य पंडित अभिषेक कृष्ण आनंद जी महाराज के द्वारा की गई। उन्होंने भक्तों से कहा कि, शिव महापुराण की कथा में तब जाओ जब आपका विश्वास प्रबल हो। अगर आपका विश्वास प्रबल न हो तो शिव महापुराण की कथा में जाने का कोई लाभ नहीं। जैसे, किसान फसल लगाने से पहले जमीन में क्यारी बना कर पानी डाल कर जमीन को नर्म कर लेता है, ताकि वो बीज डाले और वो अंकुरित हो जाए, उसी तरह शिव महापुराण की कथा कहती है कि, अपने भीतर इतनी नम्रता ले आओ की तुम्हारे मुंख से एक बार श्री शिवाय नमस्तुभ्यं निकले और वो बीज तुरंत अंकुरित हो जाए और तुमहरा कल्याण हो जाए।

पार्थिव लिंग बनाकर जल चढ़ाने की महिमा
कृष्ण आनंद जी महाराज ने कथा में आगे कहा कि, पार्थिव शिवलिंग की पूजा विधि और लाभ इस शिवलिंग की पूजा करते वक्त शिवजी का मंत्र जाप करते हुए बेलपत्र, आक का फूल, धतूरा और बेल चढ़ाएं। इसके बाद दूध और गंगाजल को मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर प्रसाद अर्पित करें। लेकिन ये प्रसाद न खुद ग्रहण करें और न ही किसी को खाने को दें। इस दौरान आप मन में भगवान् शिव से अपनी मनोकामनाएं भी मांग सकते हैं।

पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और यह आपके जीवन को सफल, सुखी, और समृद्ध बनाता है। इस शिवलिंग की पूजा से न केवल मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, बल्कि सपरिवार पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा करने पर पूरा परिवार सुखी रहता है। किसी रोग से पीड़ित व्यक्ति यदि पार्थिव शिवलिंग के समक्ष महामृत्युंजय मंत्र का जाप करता है, तो वह रोग मुक्त भी हो सकता है।

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