रायपुर। सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी नहीं होने से प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों में भारी नाराजगी है। इसी के विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर आज (सोमवार) से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
आंदोलन रहेगा जारी
संघ का कहना है कि, घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे अधिकारियों में असुरक्षा और आक्रोश का माहौल है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के चलते प्रदेशभर में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, राजस्व न्यायालयों की सुनवाई और अन्य प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे लाखों नागरिकों के दैनिक सरकारी कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है।
अन्य कर्मचारी संगठन का मिला समर्थन
इस आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उधर, अधिकारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और कब तक प्रदेश में राजस्व सेवाएं सामान्य हो पाती हैं।
क्या है पूरा मामला?
सीतापुर के मैनपाट स्थित राजापुर उप तहसील कार्यालय में शुरू हुआ यह विवाद अब पूरे प्रदेश में प्रशासनिक आंदोलन का कारण बन गया है। जानकारी के अनुसार, बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने अपनी जमीन से संबंधित शाख शोध पत्र बनवाने के लिए 14 मई 2026 को आवेदन और फाइल जमा की थी। उनका आरोप है कि फाइल जमा करने के बाद भी कई दिनों तक उनका काम नहीं हुआ और उन्हें लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
बताया जा रहा है कि, 27 मई 2026 को सीमा धनकी एक बार फिर अपने काम के सिलसिले में राजापुर उप तहसील कार्यालय पहुंचीं। इसी दौरान उनकी नायब तहसीलदार तुषार मानिक से फाइल पर हस्ताक्षर को लेकर बातचीत हुई। सीमा धनकी का आरोप है कि जब उन्होंने फाइल पर साइन करने का अनुरोध किया तो नायब तहसीलदार नाराज हो गए और कथित तौर पर कहा, "तुम होती कौन हो हस्ताक्षर करने के लिए कहने वाली, जाकर मैनपाट में हस्ताक्षर करा लो।" इसके बाद उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए भी कहा गया।
सीमा धनकी ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। सूचना मिलने के बाद विधायक के कुछ समर्थक उप तहसील कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद वहां विवाद बढ़ गया और मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि इस दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ अभद्रता और मारपीट की गई।
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