मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित महिलाओं को वितरित किए गए मंगलसूत्रों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लाभार्थी महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी का बताकर दिए गए मंगलसूत्र कुछ ही महीनों में काले पड़ गए। इस घटना के बाद योजना के तहत वितरित सामग्री की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब 189 दुल्हनों की शिकायतों ने प्रशासन को जांच के घेरे में ला दिया है।
सामूहिक विवाह के 4 महीने बाद खुली पोल
10 फरवरी 2026 को जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें 189 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। शासन की ओर से नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न उपहार सामग्री दी गई, जिनमें मंगलसूत्र भी शामिल था।
लेकिन विवाह के कुछ ही महीनों बाद महिलाओं ने शिकायत करनी शुरू कर दी कि उनके मंगलसूत्र का रंग बदल रहा है और वह तेजी से काला पड़ता जा रहा है। इससे महिलाओं को संदेह हुआ कि उन्हें दी गई सामग्री निर्धारित गुणवत्ता की नहीं है।
‘चांदी का बताया, लेकिन निकला गिलट!’
लाभार्थियों का दावा है कि, समारोह के दौरान उन्हें बताया गया था कि मंगलसूत्र चांदी का है। हालांकि रंग बदलने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे और चर्चा शुरू हुई कि इसमें चांदी के बजाय गिलट या अन्य सस्ती धातु का उपयोग किया गया हो सकता है।
हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी, लेकिन महिलाओं का कहना है कि यदि मंगलसूत्र वास्तव में चांदी का होता तो इतनी जल्दी उसकी चमक खत्म नहीं होती।
लाभार्थियों में नाराजगी, आर्थिक सहायता की मांग
मामले को लेकर महिलाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक सहायता देना है, लेकिन घटिया गुणवत्ता की सामग्री बांटना योजना की मंशा के विपरीत है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
मामले के सामने आने के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि खरीद या आपूर्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन ने दिए जांच के संकेत
बहरहाल, प्रशासन का कहना है कि, लाभार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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