बीजापुर. पामेड़ अभयारण्य के धरमारम परिक्षेत्र में साल 2020 में कैम्पा मद के तहत चारागाह विकास और देवगुड़ी निर्माण में भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत पर अब आईटीआर ने जांच शुरू कर दी है. नवपदस्थ उपनिदेषक संदीप बलगा ने फोन पर चर्चा में बताया कि पूरे प्रकरण की एसडीओ स्तर पर जांच कराई जा रही है. जहां तक संभव जांच की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी. तदुपरांत ही आगे किसी तरह की कार्रवाई संभव है.
गौरतलब है कि धरमारम परिक्षेत्र में साल 2020 में कैम्पा मद से चारागाह विकास के लिए 3 लाख 31 हजार 769 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी. वहीं कंवरगट्टा में 10 लाख 29 हजार 991 रुपये व भट्टीगुड़ा में 9 लाख 89 हजार 266 रुपये से देवगुड़ी निर्माण होना था, लेकिन पंचायत की लिखित शिकायत में चारागाह विकास तो दूर देवगुड़ियों का निर्माण तक ना होना बताया गया है.
तत्कालीन अफसर मास्टर माइंड
पंचायत की ओर से की गई लिखित शिकायत में तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी को भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड बताया गया है. हालांकि अफसर इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं।. उनका दावा है कि देवगुड़ी बनी है, प्रमाणित करने तमाम दस्तावेज और फोटोग्राफस विभाग के रिकॉर्ड मे उपलब्ध है.
जांच शुरू
बहरहाल शिकायत के बाद विभाग ने जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन देखना होगा कि जांच कब तक पूरी होती है और जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो विभाग जिम्मेदार अफसर के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई करती है या नहीं?
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