रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस विभाग से जुड़ी इस घटना ने पूरे महकमे को सन्न कर दिया है। पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक राम आसरा पोरते, जो वाहन चालक के पद पर कार्यरत थे, उन्होंने पुलिस लाइन परिसर स्थित सामुदायिक भवन के पास फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना ने विभाग के साथ-साथ उनके परिजनों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
दरअसल, घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है, जब पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक भवन के पास प्रधान आरक्षक का शव लटकता देखा। तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि, घटना के बाद से मृतक के परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन यह कहने से तो कतरा रहे हैं, लेकिन उनका आरोप साफ झलकता है कि लगातार विभागीय उत्पीड़न के कारण ही राम आसरा ने खुदकुशी जैसा कदम उठाया। मृतक के परिजनों का कहना है कि राम आसरा ड्यूटी के प्रति ईमानदार और समर्पित थे, लेकिन जब उन्हें बिना कारण ड्यूटी से हटाया गया और अपमानजनक व्यवहार किया गया, तो यह बोझ वह सहन नहीं कर पाए।
फिलहाल, पुलिस ने मामला कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि खुदकुशी के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत कारण थे या वाकई विभागीय उत्पीड़न ने राम आसरा को मजबूर कर दिया था।
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