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वन्यजीव तस्करों पर वन विभाग का बड़ा प्रहार, पैंगोलिन के 9.260 किलो शल्क और तेंदुए की खाल बरामद, 6 आरोपी हिरासत मे

 Newsbaji  |  Nov 06, 2026 10:59 AM  | 
Last Updated : Nov 06, 2026 10:59 AM
वन्यजीव तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद
वन्यजीव तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद

बीजापुर। जिले में वन्यजीवों के संगठित शिकार और उनके अंगों की अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। विभाग की अलग-अलग टीमों ने दो स्थानों पर एक के बाद एक दबिश देकर पैंगोलिन के 9.260 किलो शल्क और तेंदुए की एक खाल बरामद की है। इस कार्रवाई में कुल 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। वन विभाग की इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

रेड्डी गांव में पहली कार्रवाई, चार आरोपी हिरासत में
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम ने पहली कार्रवाई तहसील गंगालूर के ग्राम रेड्डी में की। यहां दबिश के दौरान पैंगोलिन के 9.260 किलोग्राम शल्क बरामद किए गए। इस मामले में टीम ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर वन विभाग को तस्करी नेटवर्क के दूसरे ठिकाने की जानकारी मिली।

मल्लेपल्ली में दूसरी दबिश, तेंदुए की खाल बरामद
पहली कार्रवाई से मिले सुरागों को जोड़ते हुए वन विभाग की टीम ने बासागुड़ा क्षेत्र के ग्राम मल्लेपल्ली में दूसरी दबिश दी। यहां से तेंदुए की एक खाल बरामद की गई और दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया। दो अलग-अलग स्थानों पर हुई इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके अंगों की तस्करी के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है।

गौरतलब है कि पैंगोलिन और तेंदुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल अति संरक्षित वन्यजीव हैं। इनका शिकार करना, इनके अंगों का संग्रह करना और अवैध कारोबार करना गंभीर वन्यजीव अपराध है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कठोर दंड का प्रावधान है।

वन विभाग ने सभी आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के तार किन अन्य लोगों से जुड़े हैं और वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।
 

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