रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए करीब 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में EOW बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इस बार इस घोटाले में शामिल आबकारी विभाग के प्रशासनिक अधिकारी निशाने पर है और बताया जा रहा कि जल्द इस अधिकारियों पर एक्शन लिया जा सकता है। इसके लिए जांच एजेसियों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।
बता दें कि, 7 जुलाई को 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने विशेष कोर्ट में करीब 2300 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था। इस घोटाले में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ 7 जुलाई को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद 10 जुलाई को राज्य सरकार ने सभी को निलंबित कर दिया था। वहीं, गिरफ्तारी की आशंका के चलते सभी ने 18 जुलाई को विशेष न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था।
2174 से बढ़कर 3200 करोड़ का हुआ घोटाला
EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपए से अधिक है। पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपए था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।
नोटिस के बाद भी पेश नहीं हुए आरोपी
मामले में 29 आरोपियों को EOW की ओर से समन जारी किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी के डर से कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को 20 अगस्त 2025 तक पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। भाजपा नेता नरेश गुप्ता ने इस मामले की शिकायत भारत सरकार तक की थी, जिसके बाद इस मामले की जांच में तेजी आई और ये बड़ी कार्रवाई की गई।
ये प्रशासनिक नाम है शामिल
नीतू नोतानी, राजेश जायसवाल, प्रमोद नेताम, एल.एस. ध्रुव, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, विकास गोस्वामी, अरविंद कुमार पाटले, दिनकर वासनिक, नोहर ठाकुर, नवीन प्रताप तोमर, रामकृष्ण मिश्रा, मंजूश्री कसेर, विजय सेन, अनिमेश नेताम, मोहित जायसवाल, गंभीर सिंह नुरूटी, नीतिन खंडुजा, अश्वनी कुमार अंनत, सोनल नेताम, गरीब पाल सिंह, सौरभ बक्शी, जेठूराम मंडावी, देवलाल वैद्य, प्रकाश पाल, अलेख कुमार सिदार, आशीष कोसम, अंनत कुमार सिंह के नाम शामिल है।
मामले में हुई प्रमुख गिरफ्तारियां
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल, रिटायर्ड IAS अनिल टूटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, विजय भाटिया समेत 15 लोग जेल भेजे गए। वहीं, अब इस मामले में 29 अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसमें से 15 लोग जेल, 29 आबकारी अधिकारी और 8 डिस्टलरी संचालक आरोपी बनाए गए है। EOW/ACB के द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिए गए सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की जांच जारी है।
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