अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 11 साल से एक सरकारी अधिकारी का कमरा सील था। इस कमरे को कुछ दिन पहले खोला गया, तो वहां एक अटैची मिली, जिसमें 22 लाख के 500 व 1000 रुपए के पुराने नोटों का जखीरा मिला।
घर के अंदर मृत मिले थे डॉक्टर
प्रतापगढ़ जिले के रामगढ़ा गांव के रहने वाले एसीएमओ (ACMO) ब्रह्मणारायण तिवारी 28 अगस्त 2007 को स्थांतरित हो कर अंबेडकरनगर आए थे। एसीएमओ बीएन तिवारी को मीरानपुर सीएचसी के सरकारी आवास में कमरा मिला था और वो अकेले ही वहां रहते थे। 29 जनवरी 2014 की सुबह को अचानक खबर आई कि एसीएमओ बीएन तिवारी घर से बाहर नहीं निकले। प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर जब घर का दरवाजा तोड़ कर देखा, तो डॉ. तिवारी का शव बेड पर पड़ा था। जिसके बाद से ही इस आवास को सील कर दिया गया था।
कुल 22,48,505 लाख रुपए बरामद
मिली जानकारी के अनुसार, 03 जुलाई 2025 को समिति ने वीडियोग्राफी के बीच आवास का ताला खुलवाया। यहां अन्य सामान के अलावा पुराने 1000 रुपए के 776 नोट करीब 7.60 लाख रुपए, 500 रुपए के 2945 नोट करीब 14.72 लाख रुपए व एक पांच रुपए का सिक्का भी मिला है। इस प्रकार कुल 22 लाख 48 हजार 505 रुपए मिले हैं। सीएमओ ने प्रमुख सचिव, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, एडी, डीएम व एसपी को पत्राचार कर इस धनराशि का परीक्षण करते हुए राजकीय कोष में जमा करवाने की मांग की है। सीएमओ ने बताया कि धनराशि कहां से आई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
कमरे का तोड़ा गया ताला
DM अनुपम शुक्ला के निर्देश पर आवास की मरम्मत कराने के लिए ताला तोड़ा गया, तो वहां अटैची से 22 लाख से अधिक के पुराने नोट मिले है। इसमें 1000 और 500 रुपए के नोट शामिल हैं। पुलिस की रिपोर्ट में कोई मामला विचाराधीन न होने पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. मारकंडेय की समिति बनाई। साथ ही स्टोर कीपर हरगोविंद, पारसनाथ को सामग्री की सूची बनाने के लिए नामित किया गया।
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