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 ‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ भजन रिलीज, अमरकंटक के नर्मदा उद्गम की खूबसूरती ने मोहा मन

 Newsbaji  |  Sep 27, 2026 08:23 PM  | 
Last Updated : Sep 27, 2026 08:33 PM
‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ भजन में अमरकंटक के नर्मदा उद्गम की मनोरम झलक
‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ भजन में अमरकंटक के नर्मदा उद्गम की मनोरम झलक

भिलाई/मुंबई। भक्ति, भारतीय संस्कृति और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य को एक साथ महसूस करना हो तो ‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ भजन की प्रस्तुति ध्यान खींचती है। छत्तीसगढ़ के भिलाई से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कंटेंट के क्षेत्र में सक्रिय ओजस्व प्रोडक्शन ने मां नर्मदा को समर्पित अपने इस नए भजन को लॉन्च किया है। भजन को OjaswaMusic के यूट्यूब चैनल पर देखा और सुना जा सकता है।

भजन देखें: OjaswaMusic- https://youtu.be/IckwX2mPcTk?si=tw7dINA-U8NCxP2N

मां नर्मदा के उद्गम की दिव्यता को कैमरे में उतारा
‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ केवल एक भजन नहीं, बल्कि आस्था और प्रकृति को दृश्य माध्यम से जोड़ने का प्रयास है। भजन के वीडियो में मध्यप्रदेश के अमरकंटक की प्राकृतिक छटा और मां नर्मदा के उद्गम स्थल को खूबसूरती के साथ फिल्माया गया है।

नर्मदा उद्गम से जुड़े दृश्य जहां श्रद्धा और आध्यात्मिकता का भाव जगाते हैं, वहीं अमरकंटक की हरियाली और प्राकृतिक परिवेश दर्शकों को प्रकृति के करीब ले जाते हैं। सूर्योदय के मनोहारी दृश्य और जलप्रपात के खूबसूरत शॉट्स वीडियो को विशेष आकर्षण प्रदान करते हैं।

देवांगन बनीं मां नर्मदा
भजन की दृश्य प्रस्तुति में रचना देवांगन ने मां नर्मदा की भूमिका निभाई है। उनके रूप-सज्जा और पात्र की प्रस्तुति में भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखा गया है। वेशभूषा एवं मेकअप रितविका भट्टाचार्य ने किया है। मां नर्मदा के रूप में तैयार किए गए दृश्यों को अमरकंटक के प्राकृतिक परिवेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे भजन की आध्यात्मिक अनुभूति और अधिक प्रभावी होती है।

मनीष सोनी के गीत और निर्देशन में तैयार हुआ भजन
इस भजन के गीतकार एवं निर्देशक मनीष सोनी हैं। उन्होंने भक्ति भाव को समकालीन दृश्य माध्यम के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

भजन को अपनी आवाज दी है, मंडला निवासी जया सर्राफ ने। उनकी गायकी में नर्मदा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अनुभूति को स्वर मिला है। मंडला की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जया सर्राफ की आवाज इस प्रस्तुति को स्थानीय भावभूमि से भी जोड़ती है।

मुंबई से साउंड इंजीनियरिंग, भिलाई में रिकॉर्डिंग
भजन के तकनीकी पक्ष को भी विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसकी साउंड इंजीनियरिंग का कार्य श्रृंग वैभव श्रीवास्तव, मुंबई ने किया है। वहीं भजन की रिकॉर्डिंग इम्पा डिजिटल स्टूडियो, भिलाई में की गई। इस तरह भजन के निर्माण में भिलाई से लेकर मुंबई और अमरकंटक (मध्यप्रदेश) तक की रचनात्मक एवं तकनीकी प्रतिभाओं का योगदान दिखाई देता है।

भक्ति के साथ संस्कृति और प्रकृति का संदेश
मां नर्मदा भारतीय जनमानस में आस्था की महत्वपूर्ण धारा के रूप में प्रतिष्ठित हैं। नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी लोगों को आकर्षित करता है। ऐसे में ‘पापनाशिनी रेवा, मोक्ष दायिनी रेवा’ भजन भक्ति, सांस्कृतिक चेतना और प्राकृतिक सौंदर्य, इन तीनों को एक ही दृश्यात्मक अनुभव में पिरोने का प्रयास करता है।

ओजस्व प्रोडक्शन की यह प्रस्तुति धार्मिक-सांस्कृतिक कंटेंट को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में एक रचनात्मक पहल के रूप में सामने आई है।

भजन देखें: OjaswaMusic- https://youtu.be/IckwX2mPcTk?si=tw7dINA-U8NCxP2N

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