बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना एक निलंबित पटवारी की मौत का कारण बन गई। निलंबित पटवारी सुरेश मिश्रा ने शुक्रवार को अपनी बहन के फॉर्महाउस में फांसी लगाकर आत्महत्या खुदकुशी कर ली। वे 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त भी होने वाले थे, लेकिन उससे तीन दिन पहले ही उन्होंने अपनी जीवन लीला को खत्म कर लिया।
अयोध्या नगर निवासी सुरेश मिश्रा रोज की तरह शुक्रवार सुबह घूमने के लिए परसदा-जोंकी रोड स्थित अपनी बहन के फॉर्महाउस पहुंचे थे। लेकिन जब दोपहर 12 बजे तक वे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने मोबाइल पर संपर्क किया, जो बंद मिला। इसके बाद उनके बेटे अंशुल मिश्रा फॉर्महाउस पहुंचे तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है। खिड़की से झांककर देखने पर सुरेश की लाश पंखे से फंदे पर लटकती मिली। परिजन की सूचना पर मृतक के डेढ़ साले किशोर तिवारी ने सकरी थाने में इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा काट कर शव बाहर निकाला, फिर आगे की कार्रवाई की गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर मृतक के पास से दो सुसाइड नोट बरामद हुए है, जिसमें एक में सुरेश ने खुद सस्पेंशन से बहाली को लेकर लिखा गया है। जबकि दूसरे में स्वयं को बेगुनाह बताते हुए एक कोटवार व एक अन्य व्यक्ति का नाम लिखा गया है। पुलिस इन पत्रों को जांच में ले लिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
सुरेश मिश्रा वर्तमान में निलंबन के दौरान गनियारी उप-तहसील के भाड़म गांव में पदस्थ थे। तखतपुर एसडीएम ने उन्हें 24 जून को निलंबित करते हुए कानूनगो शाखा में अटैच किया था। उन पर ग्राम ढेंका (बिलासपुर) में राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए (बिलासपुर-उरगा) के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में खसरा, नक्शा बटांकन और मुआवजा वितरण में गंभीर गड़बड़ी करने का आरोप था।
दुर्ग में मक्के के खेत के बीच उग रही थी अफीम, 5-6 एकड़ में फैली अवैध खेती का भंडाफोड़
पुलिस पूछताछ के बाद बिगड़ी हालत, ग्रामीण की मौत से बवाल, हाईवे पर घंटों जाम
बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन कार्य, 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कई ट्रेनें रद्द
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft