बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में यूपी और महाराष्ट्र से आकर मवेशी तस्करी करने वाले गिरोह के 10 सदस्य अरेस्ट किए गए हैं. ये हथियारों के दम पर आपराधिक घटना को अंजाम दे रहे थे. वहीं उन्हें संरक्षण देने वाले एक आरक्षक को भी सस्पेंड किया गया है.
बता दें कि हिर्री पुलिस को सूचना मिली कि बेलमुंडी में सूने यार्डनुमा मकान में आठ से 10 बाहरी लोग ठहरे हुए हैं. उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी. ये भी पता चला कि उनके पास घातक हथियार हैं. तब एसीसीयू, चकरभाठा और हिर्री थाने के जवानों की टीम बनाई गई. पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो संदिग्ध युवकों ने फायरिंग करने की चेतावनी देते हुए भागने की कोशिश की.
जवान पहले से ही अलर्ट थे. चारों ओर से की गई घेराबंदी के कारण आरोपी भागने में कामयाब नहीं हो सके. जवानों ने मौके से 10 लोगों को पकड़ लिया. उनके ठिकाने से कई घातक हथियार, 2 कार, 2 ट्रक और 21 किलो गांजा मिला. सभी को पुलिस ने जब्त कर लिया है. पूछताछ में पता चला है कि वे जिले से मवेशियों की तस्करी के साथ ही गांजा की तस्करी करते थे. सभी के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है.
मददगार आरक्षक सस्पेंड
बिलासागुड़ी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी कुछ स्थानीय लोगों से सहयोग ले रहे थे. उनके जरिए किसानों के मवेशियों की खरीदी कर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था. कॉल डिटेल आदि खंगालने पर पुलिस विभाग के ही एक आरक्षक बबलू बंजारे की भी जानकारी हुई. वह भी उनका मददगार बना हुआ था. एसपी ने उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया है. साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
ये हुए अरेस्ट
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