लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में UPPCL से रिटायर DGM को ठगों ने CBI अधिकारी बन 02 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 47 लाख रुपए की ठगी कर ली। जालसाजों ने 80 वर्ष के रिटायर्ड DGM को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाया। ठगों ने वीडियो कॉल पर पुलिस स्टेशन का पूरा सेटअप भी दिखाया और एक फर्जी कोर्ट हियरिंग भी करवा दी। अब इस मामले में पुलिस ने छानबीन शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ के श्रीनगर आलमबाग निवासी ओम प्रकाश नारायण मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि, 11 नवंबर 2025 को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप ऑडियो कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को CBI अधिकारी बताया और कहा कि, उनके आधार कार्ड का उपयोग करके एक बैंक खाता खोला गया है। जिसके माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। डर का माहौल बनाने के लिए ठगों ने तुरंत उन्हें एक फर्जी अरेस्ट वारंट भेजा, जिसे देखकर रिटायर्ड DGM डर गए।
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जैसा पीड़ित ने बताया कि, उसे एक वीडियो कॉल पर आने के लिए कहा गया। वीडियो कॉल पर वर्दी पहने हुए एक शख्स दिखा, जिसने धमकी दी कि, केस मुंबई हाईकोर्ट में चलेगा। यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया, तो उन्हें पूरे परिवार सहित जेल भेज दिया जाएगा। भय के मारे ओम प्रकाश ठगों की बातों में आ गए, जिन्होंने उन्हें खुद को एक कमरे में बंद रखने का निर्देश दिया। 11 और 12 नवंबर को लगातार ठगों ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने व्हाट्सएप वीडियो कॉल की और पुलिस स्टेशन जैसा सेटअप भी तैयार कर रखा था।
पूछताछ के बाद कॉल को एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जिसने जज की ड्रेस पहनी हुई थी। साथ ही कोर्ट जैसा सेटअप था। उसने कोर्ट हियरिंग करने का नाटक किया। पीड़ित से कहा कि, वह असली आरोपी को पकड़ने में मदद करे। जालसाज ने झांसा दिया कि, मुझे पता है कि आप दोषी नहीं हैं, लेकिन असली आरोपी को पकड़ने के लिए आपके अकाउंट में पड़े 47 लाख रुपए हमें ट्रांसफर करने होंगे और जांच के बाद यह रुपया आपको वापस कर दिया जाएगा।
इस झांसे में आकर रिटायर्ड DGM ने तत्काल 47 लाख रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। रुपए मिलते ही ठगों ने कॉल काट दी और अपना नंबर बंद कर लिया। कुछ समय बीतने और रकम वापस न मिलने पर जब ओम प्रकाश परेशान हुए, तो उनके बेटे ने उन्हें साइबर फ्रॉड होने की जानकारी दी।
साइबर क्राइम इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि, ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर UPPCL के 80 वर्षीय रिटायर्ड DGM को झांसा दिया। इन ठगों ने दो दिन तक बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देते हुए, उनसे 47 लाख रुपए ठग लिए है। परिवार ने तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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