बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नौकरी के नाम पर 11 लाख रुपए की ठगी हो गई। अब पूरा मामला गुंडरदेही थाना में पंजीबद्ध कर लिया गया है। दरअसल, मटिया गांव के निवासी महेन्द्र कुमार, कुलिया गांव के निवासी दीपिका कुंभकार और सियनमरा गांव के निवासी गैंदलाल की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर, विवेचना शुरु कर दी है।
जीजा के पद का दिखाया रुतबा
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने सरेखा गांव के निवासी डोमेन्द्र कुमार के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी ने अलग-अलग विभागों में अपनी पहचान होने और जीजा रमेश साहू कलेक्ट्रेट बालोद में पदस्थ के साथ उच्च अफसरों के साथ उठना-बैठना कहकर पीड़ितों से संपर्क किया। डाटा एंट्री ऑपरेटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगाने का झासा भी दिया, जिससे पीड़ितों ने डोमेन्द्र की बातों पर विश्वास कर रुपए दे दिए।
पीड़ित-1
गुंडरदेही ब्लाक के मटिया गांव के रहने वाले महेन्द्र कुमार द्वारा कलेक्टर कार्यालय में डाटा एंट्री आपरेटर के पद के लिए आरोपी से 05 लाख रुपए में बात की, उसके बहकावे में आकर 2.50 लाख रुपए 13 मार्च 2024 को 50 रुपए के स्टाम्प पेपर में तहसील कार्यालय परिसर में लिखा पढ़ी कर दिए और ज्वाईनिंग लेटर मिलने के बाद बचे हुए रुपए देने की बात की और 3 महीने बाद महेंद्र के वॉट्सएप्प मोबाइल नंबर में आरोपी डोमेन्द्र द्वारा फर्जी ज्वाईनिंग लेटर भेजा गया, तब महेंद्र ने बचे हुए रुपए दे दिए।
पीड़ित-2
वहीं, गुरुर ब्लाक के कुलिया गांव के रहने वाले दीपिका कुंभकार से श्रम विभाग में कम्प्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने 03 लाख रुपए वसूले। जिसमें, 18 अप्रैल 2024 को 01 लाख रुपए नगद और 20 हजार रुपए फोन-पे से लिए। इसके बाद 18 जुलाई को 02 लाख 80 हजार रुपए लिए और कहा कि, नगद दो माह के लिए रख रहा हूं। आरोपी ने सरेखा गांव स्थित अपने पिता के नाम पर 0.24 हेक्टेयर भूमि का रजिस्ट्री बैनामा करने का झांसा देकर रकम ली और दीपिका को स्पीड पोस्ट के माध्यम से फर्जी जाइनिंग लेटर भेजा गया।
पीड़ित-3
तीसरे व्यक्ति गैंदलाल की बेटी को नौकरी लगाने के नाम पर आरोपी ने 8 जनवरी 2025 को 1.50 लाख रुपए नगद लिए और 12 मार्च को 50 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से लिया। जब नौकरी नहीं लगने पर पैसा वापस करने के नाम पर आरोपी डोमेन्द्र ने 02 लाख रुपए का चेक दिया। आरोपी द्वारा ज्वाईनिंग लेटर दूंगा कहते हुए तीनों पीड़ितों से कहा था।
सभी पीडि़तो से नौकरी नहीं लगने पर रुपए वापस करने का वायदा किया था, लेकिन आज तक किसी को न ही नौकरी नहीं मिली और न ही किसी के रुपए वापस किए। पीड़ितों के द्वारा जब भी आरोपी से संपर्क किया जाता हैं, तो उसका फोन बंद आता। अब बताया जा रहा कि, आरोपी अपने गांव सरेखा से पिछले 3 महीने से फरार है।
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