रायपुर। स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया मुक्त होने के लिए और मेहनत करने की जरुरत है। यही वजह है कि, प्रदेश के 10 जिलों में पिछले 22 दिनों में मलेरिया के 1265 से अधिक मरीज मिल चुके है। ज्यादातर मरीज बस्तर संभाग के जिलों के है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 12वें चरण में 20 जून से जांच, इलाज व जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 19 हजार 402 घरों का दौरा कर 98 हजार 594 लोगों की खून की जांच की गई है। इनमें से 1265 लोग मलेरिया पॉजीटिव मिले है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- मलेरिया से जंग जारी
स्वास्थ्य विभाग ने बस्तर संभाग में 2015 की तुलना में केस में 71 प्रतिशत गिरावट आने का दावा किया है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि, मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है।
राज्य सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2027 तक शून्य मलेरिया और 2030 तक पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है। अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण है।
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